बरेली। एफसीआई कॉलोनी सुधा सक्सेना की हत्या और उनके बेटे बासु पर जानलेवा हमले ने ग्राफिक डिजाइनर अरविंद सक्सेना और उनके परिवार को हिलाकर रख दिया। शहर उनकी मदद को जुटा है। लेकिन पिता मकान बेचकर बेटे की जान बचाना चाहते हैं इसके लिए दलालों की मदद ली जा रही है। उधर पुलिस ने शक के आधार पर पड़ोस के एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
अरविंद के मुताबिक बासु के इलाज में बीस लाख रुपये खर्च हो गए हैं। इनमें से करीब छह लाख रुपये मदद से मिले हैं। बासु का अभी इलाज अभी लंबा चलना है इसलिए मकान बेचने की ठानी है। शुक्रवार रात पुलिस ने बासु के घर के पीछे रहने वाले एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
बासु का बयान लेने जाएंगे मजिस्ट्रेट और इंस्पेक्टर
-जिन युवकों को बासु को पहचानने की बात कही जा रही है, पुलिस अभी उनका जिक्र कहीं लिखा पढ़ी में नहीं कर रही है। इंस्पेक्टर इज्जतनगर कासिम अली ने बताया कि बासु का बयान लेने के लिए वह नोएडा स्थित अस्पताल में जाएंगे। वह अपने साथ एक नायब मजिस्ट्रेट को भी ले जाएंगे, जिससे बासु के मजिस्ट्रेटी बयान हो सकें। इंस्पेक्टर ने बताया कि बयान के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिर से मिलेगी सुरक्षा
बासु के नोएडा चले जाने पर सुरक्षा को लगे पुलिस कर्मियों को हटा लिया था। सीओ तृतीय असित श्रीवास्तव ने बताया कि बासु के परिवार की हिफाजत के लिए फिर से पुलिस की ड्यूटी लगाई जा रही है।
सांसद का शुक्रिया अदा किया
बासु के पिता अरविंद सक्सेना ने बताया कि सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने उनकी काफी मदद की है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से तीन लाख रुपये दिलवाकर अहसान किया है। इसके अलावा हमने मैसेज भेजकर लोगों से जो मदद मांगी थी, उससे भी तीन दिन करीब सवा लाख रुपये की मदद मिल चुकी है।