बरेली। एमविट कंपनी में निवेश की गई लोगों की 45 करोड़ की रकम लेकर गायब हुए इज्जतनगर के परतापुर चौधरी मोहल्ला के इंतखाब आलम के खिलाफ बिल्सी के विधायक हाजी मुसर्रत अली बिट्टन के जिस शिकायती पत्र पर डीएम ने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए है, विधायक ने उसे फर्जी बताया है। शनिवार को आरोपी के पक्ष में आल इंडिया तहफ्फुज ए मदारियत कौंसिल के लोग विधायक से बिल्सी जाकर मिले जिसके बाद उन्होंने शिकायत से पल्ला झाड़ लिया। फोन पर अमर उजाला को बताया डेढ़ माह पहले बदायूं में उनकी कार से दो लेटर पैड चोरी हो थे। हो सकता है कि उसी लेटर पैड पर यह शिकायत की गई हो। उन्होंने बदायूं में इसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
कौंसिल की ओर से विधायक से मिलने वालों में सज्जादानशीन फरमूद अली शाह मलंग बाबा, सज्जादानशीन महमूद अली शाह मलंग बाबा, मसूद अली पीरजादा, यामीन खां मरगूबी मदारी और जाहिद अली फरमूदी मदारी शामिल थे। विधायक ने तुरंत अपने लेटर पैड पर बरेली के डीएम को पत्र (क्रमांक : क - 5 नंबर 100665) लिखा कि उन्होंने कोई शिकायती पत्र नहीं दिया है क्योंकि वह आरोपी इंतखाब आलम को किसी तरह नहीं जानते और न ही उसके किसी कृत्य से अवगत हैं। उन्होंने ऐसे किसी प्रकरण में फर्जी पत्र के आधार पर की जा रही कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया है। हालांकि डीएम ने विधायक के जिस पत्र के आधार पर कार्रवाई शुरू कराई है उस पर क्रमांक (ख - 5 नं 259212) कुछ अलग अंकित है। दोनों पत्रों पर विधायक के हस्ताक्षर में तनिक अंतर दिख रहा है पर प्रवाह एक सा है।
विधायक के जिस पत्र पर डीएम की ओर से कार्रवाई के आदेश के आधार पर अमर उजाला ने शनिवार के अंक में खबर प्रकाशित की, उसमें लिखा था कि आरोपी इंतखाब के खिलाफ करीब तीन दर्ज मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट भी दायर कर दी है। ऐसा शख्स कौंसिल की सभा में खुले मंच पर होगा तो पुलिस, प्रशासन और सरकार की जनता में क्या छवि रह जाएगी।
प्रशासनिक कार्रवाई जारी
डीएम के आदेश के क्रम में एडीएम सिटी आरपी सिंह ने कौंसिल पदाधिकारियों से संपर्क साधा है। उनसे ब्योरा तलब किया है कि होने वाली जनसभा में कौन-कौन लोग मंच पर होंगे, कौन-कौन लोग सभा संबोधित करेंगे और उनके संबोधन का विषय क्या होगा। इसके आधार पर ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सभा में गोपनीय निगरानी रहेगी।
आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है पुलिस
एमविट के सीएमडी इंतखाब आलम समेत संचालकों पर पांच मुकदमे दर्ज हुए। एमविट का दफ्तर राजेंद्र नगर में था। निवेशकों को कंपनी ने जो चेक दिए थे वे बाउंस हो गए। तीन दिसंबर 2011 को एमविट के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी के दो मुकदमे दर्ज हुए। एक संजयनगर के सूरजपाल कश्यप ने लिखाया जिसमें सीएमडी डॉ. इंतखाब आलम, एमडी जावेद आलम, एकाउंटेंट शाहकार आलम और मैनेजर आरसी दीक्षित नामजद थे। तीसरा मुकदमा 31 जनवरी और चौथा 25 अगस्त 2012 को लिखा गया था। निवेशकों के हंगामा करने पर कंपनी ने राजेंद्र नगर दफ्तर बंद कर दूसरा दफ्तर इज्जतनगर इलाके में खोला था। निवेशक वहां भी पहुंचे और कंपनी संचालकों पर पांचवां मुकदमा थाना इज्जतनगर लिखा गया था। सीओ प्रथम डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि इन पांचों मुकदमे में चार्जशीट दायर कर दी गई और आरोपियों को नोटिस जारी हो चुका है।