बरेली। सौ फुटा रोड पर एक साल से हो रही राजनीति से जनता का धैर्य जवाब देने लगा है। पिछले साल आंदोलन करने वाले सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने शुक्रवार से सामूहिक भीख मांगने का निर्णय लिया है। भीख मांगने से इकट्ठी होने वाली रकम को सौ फुटा रोड की मरम्मत पर खर्च किया जाएगा।
बृहस्पतिवार देर रात वीर सावरकर नगर समिति की डेलापीर में हुई बैठक में कमला विहार, रजत विहार, सिद्धार्थकुंज, सुमन विहार, एनईएस कालोनी, ग्रेटर ग्लोबस, कृपाल एन्कलेब, गायत्रीपुरी, अंबिका विहार और लक्ष्मीपुरम के लोग इकट्ठे हुए। लोगों ने सौ फुटा रोड पर राजनीति कर जन आंदोलन में सहयोग न करने वाले जनप्रतिनिधियों की आलोचना करते हुए अफसरों के रवैये की भी निंदा की। पिछली बार सड़क निर्माण को लेकर धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने वाले सड़क निर्माण में हो रही देरी से खासे नाराज हैं। आंदोलनकारी सचिन गुप्ता, सुदेश गुप्ता, एमपी शर्मा, रवि शर्मा, वेदप्रकाश तोजो, नरेश सेठी अैर जीएन वर्मा आदि ने बताया कि सौ फुटा रोड न बनने के विरोध में शुक्रवार को आसपास की दुकानें बंद रहेंगी। महिला संगठनों ने भी सौ फुटा रोड पर होने वाले संघर्ष में मदद का भरोसा दिया है। वे भीख मांगने में आंदोलनकारियों की मदद करेंगी।
पिछले साल सौ फुटा रोड को लेकर 18 से 21 मई तक आंदोलन चला था। तमाम सियासी पार्टियों के जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने आश्वासन देकर अनशन खत्म कराया था। तब से सौ फुटा रोड पर जमकर राजनीति हुई। मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल सौ फुटा रोड को बजट नहीं मिला। नगर निगम, आवास विकास और बीडीए की संयुक्त अवस्थापना निधि से जैसे-तैसे बजट का इंतजाम होने पर टेंडर में घपलेबाजी शुरू हो गई।