बरेली। पुराने रोडवेज के पास अश्लील सीडी का जखीरा मिलने के बाद हिरासत में लिए गए कारोबारी कमल की हवालात में हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में पुलिस ने उसे जमानत पर छोड़ दिया। कोतवाली पुलिस ने उसे और कालीबाड़ी निवासी उसके साथी महेंद्र सिंह के खिलाफ अश्लील सीडी बेचने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। महेंद्र अभी तक पकड़ा नहीं गया है।
एबीसी के नाम से बिकती है अश्लील सीडी
बस अड्डे के आसपास अश्लील सीडी एबीसी के नाम से बिकती है, जो ग्राहक दुकानदारों के पास एबीसी सीडी मांगता है, उसे पहले पूर्व परिचित का नाम बताना होता है। एक नाम बताने पर ही उसे सीडी दी जाती है। ग्राहक देखकर उसका पैसा लिया जाता है। यह सीडी 50 से लेकर 250 रुपये तक बिक जाती है।
उत्तराखंड तक होती है सप्लाई
शाहजहांपुर कभी पायरेटेड सीडी का गढ़ कहा जाता था। वहां से आसपास के जिलों में सीडी तैयार होकर जाती थी, लेकिन अब बरेली इसका गढ़ हो गया है। यहां से बदायूं, पीलीभीत, लखीमपुर और उत्तराखंड के जिलों तक पायरेटेड सीडी बिकने के लिए जा रही हैं।
मुखबिरी के शक में दुकानदार को पीटा
बरेली। कोतवाली के कालेज रोड मलूकपुर निवासी अजीम अहमद को अश्लील सीडी पकड़वाने में मुखबिरी करने के शक में शादाब और उसके साथियों ने लाठी डंडों से पीटकर जख्मी कर दिया। पुलिस के मुताबिक, अजीम और शादाब की आसपास ही दुकानें हैं। शादाब को शक है कि उसी ने मुखबिरी कर उसकी दुकान पर पुलिस का छापा मरवाया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को तहरीर दे दी गई है।