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फोरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजे नमूने

Sat, 27 Jul 2013 05:34 AM IST
Bareilly
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बरेली। यह मुल्जिमों को लाभ पहुंचाने की साजिश नहीं तो और क्या है। गंगाशील अस्पताल में गैंग रेप की घटना के बाद घटनास्थल से इकट्ठे किए गए नमूनों को पुलिस ने अभी तक जांच के लिए लखनऊ नहीं भेजा है। इससे इन नमूनों में हेराफेरी किए जाने की भी आशंका पैदा हो रही है।
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गंगाशील अस्पताल में 14 जुलाई को अटेंडेंट के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था। दो दिन बाद 16 जुलाई को पीड़िता के पिता ने थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई। 17 जुलाई को आरोपी शिवराज यादव जेल भेजा गया। अदालत में उसे पेश करने से पहले प्रेमनगर पुलिस ने मुल्जिम शिवराज और पीड़ित अटेंडेंट के खून से सने कपड़े सील किए थे। इसके बाद 19 जुलाई को एसपी सिटी डॉ. त्रिवेणी सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट आरपी सिंह ने फील्ड यूनिट के साथ गंगाशील अस्पताल जाकर मौका मुआयना किया था। फील्ड यूनिट को घटनास्थल पर सिर के कुछ बाल, एक रुमाल और दो कपड़े जिन पर धब्बे पड़े हुए थे और खून का दाग लगा एक खाकी लिफाफा मिला था। फील्ड यूनिट ने इन सारे सबूतों को सील करके प्रेमनगर पुलिस के हवाले कर दिया था।
मुल्जिम और पीड़ित के सील किए कपड़े और घटनास्थल पर मिले सबूतों को जांच के लिए लखनऊ की फोरेंसिक लैब भेजा जाना था, लेकिन पुलिस अभी तक इन सारे सबूतों को अपने कब्जे में ही रखे हुए है। गौरतलब है कि गंगाशील अस्पताल कांड में प्रेमनगर पुलिस शुरू से ही आरोपियों के बचाव की कोशिश में जुटी हुई थी। इसी के चलते पहले इंस्पेक्टर शक्ति सिंह से विवेचना छीनी गई और फिर उन्हें थाना प्रेमनगर से ही हटा दिया गया।
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कागज तैयार किए जा रहे हैं। एक-दो दिन में नमूने जांच के लिए भेज दिए जाएंगे।
- मोहम्मद बाबर, किला इंस्पेक्टर और गंगाशील अस्पताल मामले के विवेचक
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