बरेली। कोहाड़ापीर इलाके में बिजली कटौती से परेशान महिलाओं ने रविवार को खुद मोर्चा संभाल लिया। वे बेलन लेकर उपकेंद्र पहुंचीं और कर्मचारियों को दौड़ा दिया। अघोषित कटौती और कर्मचारियों के व्यवहार पर काफी देर तक हंगामा होता रहा।
अपराह्न एक बजे कोहाड़ापीर उपकेंद्र पहुंचीं महिलाओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। हाथों में बेलन देखकर बिजली कर्मचारी वहां से खिसक लिए लेकिन इसके बाद भी महिलाओं ने हंगामा जारी रखा। वहां मौजूद जेई हरिओम को महिलाओं ने घेर लिया। अगुवाई कर रही डॉ. मनु नीरज ने कहा कि बिजली कटौती का कोई समय नहीं है। पिछले दो दिन जैसे-तैसे काटे हैं। उन्होंने कर्मचारियों पर फोन पर सही जवाब नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कम से कम फाल्ट की सही जानकारी तो दी ही जानी चाहिए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर कर्मचारियों का रवैया नहीं बदला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में सुनीता, बबली खान, रीना, सावित्री, रजनी, नसरीन और कृष्णा कुमारी आदि मौजूद थीं।
फाल्ट और ओवरलोडिंग ने फिर गुल की बत्ती
बरेली। फाल्ट और ओवरलोडिंग ने रविवार को भी शहर वालों का पसीना निकाला। राजेंद्रनगर, जगतपुर, दीनदयालपुरम, इज्जतनगर, किला और कोहाड़ापीर उपकेंद्रों पर सप्लाई अस्तव्यस्त रही। इन सब स्टेशनों से जुड़ी लाइनों पर मरम्मत और पेड़ छंटाई के कारण सप्लाई बंद कर दी गई। सुबह दस बजे से जगतपुर उपकेंद्र से सप्लाई ठप हो गई। मीरा पैठ में मरम्मत काम के नाम पर सभी लाइनें बंद कर दी गईं। इससे पूरे दिन सप्लाई ठप रही। सीबीगंज, सुभाषनगर, कैंट, नकटिया और कुतुबखाना उपकेंद्र से पोषित कुछ इलाके भी प्रभावित रहे। पुराना शहर कांकर टोला स्थित 630 केवीए ट्रांसफार्मर से तेल होने से धराशायी हो गया। इससे 24 घंटे सप्लाई प्रभावित रही। एसडीओ घनेंद्र सिंह ने रविवार शाम नया ट्रांसफार्मर लगवा कर सप्लाई शुरू कराई।