बरेली। उत्तराखंड त्रासदी के प्रभावितों की मदद को शहर के संवेदनशील लोगों के आगे आने सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को पर्वतीय समाज के लोगों ने चंद मिनटों में ही 76 हजार रुपये जमा कर लिए। कुर्मांचल नगर में जुटे प्रवासियों ने यह रकम अमर उजाला फाउंडेशन में जमा की है।
प्रलय में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए पर्वतीय प्रवासी रविवार को कुर्मांचल नगर में जुटे थे। अखिल भारतीय उत्तराखंड महासभा, पर्वतीय समाज सहकारी आवास समिति और पर्वतीय समाज व गढ़वाल महिला मंडल की ओर से हुए कार्यक्रम में सभी ने पीड़ितों की मदद को आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में ही 75 हजार की राशि जुट गई। इस राशि को अमर उजाला फाउंडेशन में देने के लिए संपादक दिनेश जुयाल को चेक सौंपा गया। इस मौके पर 11 सौ रुपये की नकद धनराशि भी दी गई।
महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने कहा कि विकास की इस अंधी दौड़ में पहाड़ों का विनाश ही बड़ी त्रासदी का कारण बना। पर्वतीय आवास समिति के अध्यक्ष मान सिंह नेगी ने कहा कि यहां से हम जो सहायता कर सकते हैं उसे मिलकर किया जाना चाहिए। सचिव महेश खर्कवाल ने कहा इस दुख की घड़ी में हम सब उत्तराखंड के साथ हैं। सुधा रावत ने मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
पर्वतीय समाज के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडेय ने आर्थिक सहायता के अलावा राशन, दवा और कपड़े आदि भी भेजने की बात कही। डीएस धनिक ने बताया कि पहाड़ों में सहायता के लिए बरेली से भी स्वयं सेवी जाएंगे। अमर उजाला के संपादक दिनेश जुयाल ने कहा कि जिस उत्तराखंड की पीड़ा के जख्म भरने में सालों लगेंगे। उन्होंने कहा कि इस विनाश के कारक हम ही हैं, क्योंकि हम कुदरत के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं।
शांति के लिए हवन
मृतकों की आत्मा की शांति के लिए कुर्मांचल नगर स्थित भोलेनाथ मंदिर में पूजन, यज्ञ और हवन भी किया गया। इस मौके पर कथा व्यास प्रभु जुयाल और हरीश डालाकोटी आदि मौजूद रहे।