अभी दंगों की जांच के लिए कोई कमेटी नहीं बनी है लेकिन शुक्रवार के एक बयान के आधार पर ये मान लिया गया है कि मौलाना तौकीर दंगा जांच कमेटी के अध्यक्ष बन गए हैं। लखनऊ में प्रमुख सचिव गृह ने भी शनिवार की शाम साफ किया कि अभी ऐसी कोई कमेटी नहीं बनी है लेकिन बरेली में इस मुद्दे पर नई सियासत शुरू हो गई है। इस घोषणा पर विपक्ष गुस्से में है तो आईएमसी ने बकायदा जांच के कायदे तक गिना दिए हैं।
तौकीर की तरफ से उनके प्रवक्ता ने बतायी दंगा जांच की रणनीति
बरेली। उत्तर प्रदेश के दंगों की जांच के लिए प्रस्तावित जांच कमेटी की सरकार की ओर से अभी अधिकृत घोषणा भी नहीं हुई है लेकिन आइएमसी ने अपनी रणनीति भी घोषित कर दी ही है। प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्रीं शिवपाल के शनिवार को कह दिया था कि दंगा जांच कमेटी का अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां को बनाएंगे लेकिन बारे में कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। तौकीर अभी बरेली पहुंचे नहीं लेकिन आईएमसी प्रवक्ता डा. नफीस खंा शनिवार को पत्रकारों को बताया कि दंगों की जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी बनेगी। इसमें हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज, एक रिटायर्ड आईपीएस व अन्य लोग शामिल होंगे। इसके अलावा उन्होंने आतंकवाद के आरोप में बंद चांद घोसी के बारे में पुनर्विचार की बात कही।
प्रवक्ता ने बरेली, बदायूं और रामपुर को कम से कम 18 घंटे बरेली को बिजली दिलाने, रुहेलखंड विश्वविद्यालय में आला हजरत बेंच कायम कराने की बातें मान लिये जाने का भी दावा किया। प्रवक्ता ने कहा कि अब आइएमसी अपना धर्म निभाएगी और सपा प्रत्याशियों को जिताएगी।
किससे छिपा है कि दंगे में आरोपी कौन है-राजेश
बरेली। सूबे की सपा सरकार द्वारा मौलाना तौकीर रजा खां को दंगों की जांच समिति का अध्यक्ष बनाने पर भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष और बरेली कैंट से विधायक राजेश अग्रवाल ने कहा कि ईश्वर जो करता है, बढ़िया करता है। बरेली में हुए दंगे में आरोपी कौन है। यह क्या किसी से छिपा नहीं है। कोतवाली में दर्ज जीडी के अंश और हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमे का अंश तो झूठे नहीं हैं। दंगे के दौरान चले वीडियो न्यूज और छपे फोटो भी साक्ष्य हैं। सरकार ने मौलाना को यह जिम्मेदारी देने का काम किन शर्तो पर किया, कैसी और किसकी जांच के लिये दिया, इस पर तो सरकारी आदेश को पढ़कर ही कुछ कहना सही होगा। पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और आंवला से विधायक धर्मपाल सिंह ने कहा कि सपा सरकार की प्राथमिकता मुसलमान है। उसी को केंद्र में रखकर सब हो रहा है।
बरेली नगर विधायक डा. अरुण कुमार ने कहा कि दंगे में जो खुद नामजद है, वही इसकी जांच का अधिकारी बना दिया गया, यह तो एकदम उल्टी बात है। इससे सही बात सामने नहीं आएगी। सरकार को किसी रिटायर्ड जज को इसके लिए नियुक्त करना चाहिए था ताकि विश्वसनीयता रहती। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डा. चंद्रमोहन ने इसे तुष्टीकरण की पराकाष्ठा करार दिया। पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तेजेश्वरी सिंह ने कहा कि उसे जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया जो बरेली में दंगों का कारण बना था।
निष्पक्ष जांच का विश्वास : वीरपाल
बरेली । मौलाना तौकीर रजा खां के दंगा कमेटी का चेयरमैन बनाए जाने पर सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल यादव ने कहा कि नेताजी के इस फैसले से जनता को उम्मीद बंधी है कि अब बरेली दंगों की निष्पक्ष जांच हो सकेगी। अब आईएमसी की मदद से सांप्रदायिक ताकतों को हराने में आसानी होगी। सपा का लोकसभा टिकट बदलने की संभावनाओं को जिलाध्यक्ष ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नेताजी ने खुद उनसे फोन कर आश्वस्त किया है कि बरेली में सपा प्रत्याशी किसी हाल में नहीं बदला जाएगा।
प्रत्याशी को नहीं, सपा को चुनाव लड़ायेंगे
पूर्व विधायक इस्लाम साबिर के भाई और सपा महानगर अध्यक्ष फहीम साबिर ने मौलाना तौकीर रजा खां के दंगा कमेटी का चेयरमैन बनाए जाने पर टिप्पणी करने से परहेज किया। बहू आयशा को लोकसभा चुनाव लड़ाने के सवाल पर कहा कि प्रत्याशी कोई भी हो, वह सपा को चुनाव लड़ायेंगे। बोले-पिछली बार उनके भाई इस्लाम साबिर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्होंने सपा प्रत्याशी की मदद की थी।
जारी है टूटे कुनबे में तकरार
बरेली। पूर्व विधायक इस्लाम साबिर और उनके बेटे विधायक शहजिल इस्लाम के मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे गए सवालों पर आईएमसी ने सीधा जवाब नहीं दिया। पार्टी प्रवक्ता डॉ. नफीस खां ने कहा कि अब आईएमसी और सपा दोस्त बन गए हैं। अब बरेली मंडल हो या मुरादाबाद, कहीं कोई प्रत्याशी कमजोर होगा तो उसे बदलने का मशवरा जरूर देंगे। बाकी तय करना सपा मुखिया का काम है। आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर पर शहजिल के ब्लैकमेलिंग के आरोप के बारे में पूछने पर जिलाध्यक्ष नदीम खां ने कहा कि इसका जवाब खुद जनता समय आने पर देगी। बिना नाम लिए डॉ. नफीस ने भी कहा कि कुछ ऐसे एहसान फरामोश हैं जो बेघर हो गए थे। मौलाना ने उनके सिर पर हाथ रख कर विधायक बनाया। वरना कोई पूछने वाला भी नहीं था। सांसद प्रवीण ऐरन के बारे में भी उन्होंने कहा कि मौलाना के सहयोग से ही पिछली बार वह जीत पाए थे लेकिन इस बार जमानत भी नहीं बचा पाएंगे।उन्होंने कहा कि अब पार्टी का लक्ष्य 2014 का चुनाव होगा। सपा को पूरी ताकत से चुनाव लड़ाया जाएगा।
मौलाना को मैंने दिलाई लालबत्ती: शहजिल
बरेली। विधायक शहजिल इस्लाम ने कहा है कि मौलाना तौकीर रजा खां को लाल बत्ती उन्होंने ही दिलवाई है। मौलाना की जो मांगे थीं, वह अब पूरी हो गई हैं। अब वह पार्टी में आ गए हैं और हमारे प्रत्याशी की मदद करेंगे। मौलाना को दंगा जांच कमेटी के अध्यक्ष बनाए जाने पर कोई टिप्पणी करने से बचते हुए शहजिल ने कहा कि दंगों की जांच कराने की मौलाना की मांग थी जो नेता जी ने मान ली है। शहजिल के पिता पूर्व विधायक इस्लाम साबिर से भी संपर्क करने की कोशिश की गई। पता चला वह अपने फार्म पर गए हुए हैं। कई बार कोशिश करने पर भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
तो मौलाना खुद चुनाव लड़ कर देख लें-ऐरन
पिछले चुनाव में समर्थन करने के दावे व इस बार जमानत भी न बचा पाने संबंधी आइएमसी की धमकी पर सांसद प्रवीण सिंह ऐरन का कहना है कि मौलाना तौकीर को अपने जनाधार का पता होना चाहिए। वह दो बार कैंट चुनाव लड़ कर देख चुके हैं एक बार 4000 और दूसरी बार 2850 वोट ही हासिल कर पाए। अगर उनका इतना जनाधार है तो वह खुद क्यों नहीं चुनाव लड़ लेते। सांसद का कहना है कि मौलाना तौकीर हमेशा संतोष गंगवार को जिताने के लिए राजनीति करते रहे हैं यह बात भी अब किसी से छिपी नहीं है। उनका समर्थन लेने की बजाए मैं जमानत गंवाना पसंद करूंगा।