बरेली। जुनून और मेहनत से सब कुछ संभव है। कुछ ऐसे ही जुनूनी हैं 65 वर्षीय हरि विष्णु गुप्ता। 30 महीने में उन्होंने पूरा सुंदर कांड राम नाम में ही लिख दिया। हर अक्षर और अंकों में राम नाम का प्रयोग किया है। राम नाम से वे हनुमान चालीसा भी लिख चुके हैं। अब रामचरित मानस लिखने की तैयारी कर रहे हैं।
रेलवे से रिटायर होने के बाद रामपुर बाग निवासी हरी विष्णु ने खाली बैठने के बजाय कुछ नया करने की सोची। बड़े भाई सीताराम वार्ष्णेय से प्रेरणा ली और सृजन में जुट गए। पहले उन्होंने राम नाम से हनुमान चालीसा लिखी फिर सुंदर कांड लिख डाला। 173 पेज लिखने में उन्हें 30 महीने लग गए। उन्होंने बताया कि अब पूरी रामचरित मानस लिखने की शुरुआत बालकांड से कर दी है। वे इसे तीन साल में पूरा करने की सोच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि धार्मिक ग्रंथ लिखने में चार रंगों के पेन इस्तेमाल करते हैं। उन्होंनेे बताया कि वह अपने हस्तलिखित ग्रंथ को गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल कराएंगे। रामचरित मानस को किसी प्रमुख संग्रहालय को सौंप देंगे।