बरेली। आयुष यादव के अपहरण का मास्टर माइंड बलवीर सिंह यादव का एक और साथी पुलिस के शिकंजे में आ गया है। बदायूं पुलिस ने भूरा उर्फ कल्लू को रविवार को उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से तमंचा और कारतूस भी बरामद किया गया।
सुभाषनगर थाने की गंगानगर कॉलोनी निवासी हेड टीटीई ज्ञानेंद्र पाल सिंह यादव के बेटे आयुष को 18 फरवरी को बिशप कोनरॉड स्कूल जाते समय अगवा कर लिया गया था। आठ दिन बाद आयुष को नाटकीय ढंग से बदायूं के थाना अलापुर की म्यांऊ पुलिस चौकी के पास से बरामद कर लिया गया था। इस अपहरण कांड में सबसे पहली गिरफ्तारी शाहजहांपुर के बृजेश कुमार की हुई थी। आठ मार्च को परतापुर चौधरी गांव निवासी बलवीर सिंह यादव ने अपने ही जिले के थाना मिर्जापुर के चोरी के मामले में सरेंडर कर दिया था। इस मामले में बदायूं की उसांवा थाने की पुलिस ने भूरा उर्फ कल्लू पुत्र सोरन सिंह यादव निवासी हजारा गांव को गिरफ्तार कर लिया। सुभाषनगर पुलिस भूरा को यहां ले आई। एसओ ने बताया कि सोमवार को चालान करभूरा को जेल भेज दिया जाएगा। पुलिस को अब 15 हजार रुपये का इनामी बिनावर निवासी जागन उर्फ जग्गा और कलान के विनोद की तलाश है।
भूरा के बच्चों के साथ ही खेलता था आयुष
पुलिस के मुताबिक अगवा करने के बाद आयुष को भूरा के घर हजारा गांव में ही रखा गया था। वह उसी के बच्चों के साथ खेलता था। आयुष को उसके बच्चों ने भी अपने नाम सही नहीं बताए थे। आयुष ने बच्चों के जो नाम बताए थे, उनमें से कोई नाम भी भूरा के बच्चों का नहीं है। भूरा की पत्नी और बच्चों की भी तलाश जारी है।
बलवीर का बी-वारंट कोर्ट में दाखिल
सुभाषनगर एसओ रंजीत सिंह यादव ने बताया कि बलवीर को बरेली लाने के लिए कोर्ट में बी-वारंट दाखिल कर दिया गया है। कोर्ट ने उसे 22 मार्च को तलब किया है। फिर उसे रिमांड पर लिया जाएगा। कहा कि अपहरण के समय इस्तेमाल तमंचे को बलवीर से बरामद करना है।