बरेली। बीकॉम थर्ड ईयर के ग्रुप सी का सेकेंड पेपर जो 16 मार्च को होना था, उसे बरेली कॉलेज में बुधवार को ही परीक्षार्थियों को बांट दिया गया। बाद में इस गलती का पता लगा तो अफरा-तफरी मच गई। बरेली कॉलेज के प्राचार्य ने पेपर आउट होने के लिए विश्वविद्यालय को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि जिस लिफाफे पर 13 मार्च की तारीख पड़ी थी, उसमें 16 मार्च का पेपर रखा हुआ था।
बरेली कॉलेज में सोमवार को बीकॉम के पेपर कम पड़ गए थे। इसके बाद प्रश्नपत्रों की फोटोकॉपी कराकर विद्यार्थियों को बांटी गई थीं। इसके बाद विश्वविद्यालय से ज्यादा पेपर भेजने की डिमांड की गई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्रों के कुछ अतिरिक्त लिफाफे बरेली कॉलेज भेजे थे। बुधवार को बीकॉम थर्ड ईयर के ग्रुप सी के फर्स्ट पेपर की परीक्षा थी। विश्वविद्यालय से भेजे गए एक अतिरिक्त लिफाफे को खोलकर परीक्षार्थियों को बांटा गया तो उसे देखकर वे चौंक गए। उन्हें दिया गया पेपर बीकॉम थर्ड ईयर का ग्रुप सी का सेकेंड पेपर था। उन्होंने इस बारे में शिक्षकों को बताया तो अफरा-तफरी मच गई। फौरन सबसे पेपर वापस ले लिए गए और उन्हें ग्रुप सी के फर्स्ट पेपर की फोटोकॉपी कराकर बांटी गई।
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हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई है। जब तक जानकारी नहीं मिलेगी, तब तक कुछ नहीं कह सकते कि कार्रवाई क्या करेंगे। - डॉ. केएन पांडेय, रजिस्ट्रार
16 मार्च का पेपर हुआ आउट
बरेली कॉलेज में 13 मार्च की बजाय बंट गया 16 मार्च का पेपर
प्राचार्य ने कहा, विश्वविद्यालय को ठहराया जिम्मेदार
कहा, 13 के लिफाफे में 16 मार्च का पेपर रखा था
बरेली। बरेली कॉलेज में बुधवार को 16 मार्च का बीकॉम थर्ड ईयर का पेपर आउट हो गया। 13 मार्च को बीकॉम थर्ड ईयर के ग्रुप सी के फर्स्ट पेपर की बजाय 16 मार्च को होने वाला बीकॉम थर्ड ईयर ग्रुप सी सेकेंड पेपर खुल गया और विद्यार्थियों के बीच बंट भी गया। इसके बाद ही कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई। प्राचार्य का आरोप है कि सारी गलती विश्वविद्यालय की है। वहां से ही 13 मार्च के लिफाफे में 16 मार्च का पेपर रखकर आया था। इसमें कॉलेज की कोई भी गलती नहीं है।
बरेली कॉलेज में सोमवार को बीकॉम के पेपर कम पड़ गए थे। पेपर की फोटोकॉपी करके विद्यार्थियों को बांटे गए। इसके बाद अगली बार से विश्वविद्यालय से ज्यादा पेपर देने के लिए कहा गया। विश्वविद्यालय की ओर से भेजे गए अतिरिक्त लिफाफे को एक कमरे में भेजकर उसे बांट दिया गया। जब वह विद्यार्थियों के हाथों में पहुंचा तो वह देख चौंक गए और बोले, यह तो बीकॉम थर्ड ईयर का ग्रुप सी का सेकेंड पेपर है। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई। झट से सबसे पेपर ले लिए गए और उन्हें फोटो कॉपी कर बांटा गया। इस पर प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि इसमें कॉलेज की ओर से कोई लापरवाही नहीं है, यह सब विश्वविद्यालय की गलती से ही हुुआ। अब सवाल इस बात का 16 मार्च को होने वाले पेपर का क्या होगा। पेपर कैंसिल होगा, या फिर पेपर का दूसरा सेट देकर परीक्षा करवाई जाएगी।
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हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई है। जब तक जानकारी नहीं मिलेगी, तब तक क्या कार्रवाई होगी, कुछ नहीं कह सकते।
- डॉ. केएन पांडेय, रजिस्ट्रार