खुसरो इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कालेज
बरेली। फीस लेने के बाद भी पांच छात्रों को परीक्षा न बैठने देने के मामले में खुसरो इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कालेज के चेयरमैन और प्रिंसिपल पर उपभोक्ता फोरम ने जुर्माना लगाया है। कालेज प्रशासन को साढ़े सात लाख रुपये क्षतिपूर्ति के आदेश दिए हैं। छात्रों से ली गई फीस और मुकदमे में खर्च धनराशि का भी भुगतान करना होगा।
उपभोक्ता फोरम द्वितीय के अध्यक्ष बालेन्दु सिंह ने शिक्षण शुल्क की फीस 36 हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं। फोरम ने कहा कि इस दौरान छात्रों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक कष्ट हुआ है। उनके दो बहुमूल्य साल बर्बाद हुए हैं, इसलिए सभी को डेढ़-डेढ़ लाख रुपए दिए जाएं। मुकदमे के खर्च के रूप में पांच-पांच हजार रुपये देने का आदेश भी दिया। फोरम ने कहा है कि यदि एक महीने के अंदर छात्रों का भुगतान नहीं किया तो निर्णय की तिथि से नौ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान देना पड़ेगा।
ये था मामला
खमरिया आजमपुर के वीरेंद्र सिंह और विमल कुमार, उझानी के अनस, सब्जीपुर नगरिया सोवरानी के हारुन बरीपुर शेरगढ़ के ओमकार ने 2009 से 2011 के सत्र में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण के लिये प्रवेश लिया था। चेयरमैन शेर अली जाफरी और प्रिंसिपल विश्वनाथ शर्मा ने प्रवेश के समय संस्थान की मान्यता की बात कही थी। दोनों की बात पर विश्वास पर सभी ने 36-36 हजार रुपये फीस जमा कर दी थी। ओमकार के अनुसार उसने 5400 रुपये प्रिंसिपल को को नगद दिये थे जिसकी रसीद नहीं दी गई। छात्रों का आरोप है कि फीस जमा करने के बाद भी उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। परीक्षा पिछले साल 22 जुलाई से 30 जुलाई तक हुई थी। कालेज प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ पांचों छात्रों ने वकील संजय शर्मा के माध्यम से 2011 में वाद दायर किया था।