बरेली। ट्रेन में सात लाख के जेवरों और 50 हजार रुपये कैश की चोरी की घटना की रिपोर्ट थाना जीआरपी में डेढ़ महीने बाद दर्ज हुई है। बरेली जंक्शन पर हुई इस घटना का मुकदमा मुगलसराय में क्राइम नंबर निल पर दर्ज कराया गया था, जिसके बाद वहां की जीआरपी ने फर्द बरेली जीआरपी को भेज दी थी। इसी तरह ट्रेन में ही एक सूटकेस चोरी का मुकदमा भी सवा महीने बाद दर्ज किया गया है।
पंजाब के पटियाला शहर में रहने वाले डॉ. हरिदास शास्त्री आठ फरवरी 2013 को हरिद्वार से उपासना एक्सप्रेस से बक्सर जा रहे थे। उनकी बर्थ एस-5 कोच में रिजर्व थी। बरेली में चोरों ने उनकी पत्नी का पर्स गायब कर दिया, जिसमें 50 हजार रुपये का कैश और करीब सात लाख रुपये कीमत के जेवर थे। डॉ. हरिदास ने मुगलसराय स्टेशन पहुंचकर घटना की तहरीर दी थी। वहां जीआरपी ने निल क्राइम नंबर पर रिपोर्ट दर्ज कर चिक जीआरपी बरेली को भेज दी। यहां यह मुकदमा मंगलवार को दर्ज किया गया।
लखनऊ के छितवापुर सुप्पन गांधी मूर्ति निवासी संजय श्रीवास्तव 14 फरवरी को नौचंदी एक्सप्रेस से मेरठ गए थे। बरेली जंक्शन पर उन्हें अपना ब्रीफकेस चोरी होने का पता चला। उन्होंने मेरठ जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसकी चिक काटकर वहां से मामला बरेली भेजा गया था। यह रिपोर्ट भी मंगलवार को दर्ज हुई। एसओ रंजन कुमार शर्मा ने बताया एक शिकायत मुगलसराय और दूसरी मेरठ में दर्ज हुई थी, जिससे दोनों केसों को यहां दर्ज करने में देरी हुई।