बरेली। प्रमोशन में आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन बिल के खिलाफ सोमवार को कर्मचारियों ने तगड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट, तहसील, वन विभाग, विकास भवन सिंचाई विभाग, व्यापारकर और बिजली विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल और धरना से कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया। कर्मचारियों ने विभागों में तालाबंदी कर दी। हड़ताल के चलते कलेक्ट्रेट और तहसील के साथ ही विकास भवन में तमाम अफसर भी नदारद रहे। इससे फरियादियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जिले में दूरदराज से आने वाले लोगों का कोई काम नहीं हो पाया और उन्हें निराश लौटना पड़ा। प्रदर्शन और धरना सर्वजन हिताय संरक्षण समिति और यूपी फारेस्ट मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की।
संरक्षण समिति के अध्यक्ष डॉ. डीएन शर्मा ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण देने से सभी कर्मचारियों का भारी अहित होगा। इस बिल के पास होने पर सवर्ण, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के कर्मचारियों के हितों का भारी नुकसान होगा। इस बिल के माध्यम से समाज को बांटने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति दल अपने हितों को देख रहे हैं और देश को बांटने काम कर रहे हैं। कैनाल क्लब में हुई सभा कर संचालन कर रहे बसंत कुमार ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण संविधान की मूल भावना के विपरीत है। इस बिल का समर्थन करने वाले राजनेताओं और उनकी पार्टी का आगामी लोकसभा चुनावों में विरोध करके सबक सिखाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश फारेस्ट मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के कर्मचारियों पूर्ण रूप से हड़ताल पर चले गए। एसोसिएशन के अध्यक्ष अवलेश कुमार सक्सेना ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने से राज्य में अन्य जातियों के कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। महामंत्री राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण अभिशाप है और हमें इसका कड़ा विरोध करना होगा। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी मुमताज, आसिफ अहमद खां, शकील अहमद और सुधीर कुमार रस्तोगी उपस्थित रहे। विकास भवन में जैनेंद्र शर्मा, शैलेंद्र यादव और तमाम कर्मचारी धरने पर बैठे। कलेक्ट्रेट में एसके शुक्ला, अनुराग मिश्रा, कौशल कुमार आदि तमाम कर्मचारी धरने पर बैठे।