बरेली। बृहस्पतिवार को हुई शायर सज्जाद हुसैन ‘निजामी’ की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि घटना को निजामी के पार्टनर ने ही अपने साले और रिश्तेदार के साथ अंजाम दिया। इन लोगों ने चलती कार में अंगोछे से गला दबाकर निजामी को मार डाला और फिर कार को भोजीपुरा में खड़ी करके भाग गए। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। निजामी की हत्या साढ़े आठ लाख रुपये हड़पने को की गई।
मालूम हो कि देवरनियां के कठर्रा गांव निवासी मशहूर शायर सज्जाद हुसैन ‘निजामी’ का शव बुधवार सुबह नैनीताल रोड पर एसआरएमएस कॉलेज के सामने कार में मिला था। पिता नबी हसन ने थाना भोजीपुरा में निजामी के पार्टनर इब्ने अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इब्ने को हिरासत में लेकर जब उससे पूछताछ की तो शुरू में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती करने पर वह टूट गया। इब्ने की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में शामिल रहे उसके साले रामपुर के भोट गांव निवासी मोहम्मद यूसुफ और रिश्तेदार फरीद को भी गिरफ्तार कर लिया।
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस में एसपी (देहात) विनय कुमार यादव ने बताया कि शायर निजामी और रामपुर के भोट निवासी इब्ने अली गहरे दोस्त थे। उनका एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। दोनों साझे में ठेके पर जमीन लेकर खेती कराते थे। इब्ने पर निजामी के साढ़े आठ लाख रुपये उधार थे। बहन की शादी नजदीक आने पर निजामी ने इब्ने पर रकम लौटाने को दबाव बनाया तो उसने निजामी की हत्या की योजना बनी ली। योजना के मुताबिक इब्ने ने रुपये देने के बहाने निजामी को रामपुर बुलाया। वहां इब्ने अपने साले यूसुफ और रिश्तेदार फरीद के साथ मिला। रामपुर से तीनों निजामी की कार से इज्जतनगर आए। कार इब्ने चला रहा था। बराबर वाली सीट पर निजामी बैठे थे। अंधेरा होने पर इब्ने कार को कठर्रा गांव जाने के बहाने नैनीताल रोड पर ले गया तभी पिछली सीट पर बैठे यूसुफ और फरीद ने अंगोछे से गला दबाकर निजामी की हत्या कर दी। लाश को पिछली सीट पर डालकर उन्होंने कार एसआरएमएस के सामने खड़ी कर दी। निजामी के दोनों मोबाइल और अंगोछा उन्होंने पास ही एक गड्ढे में फेंक दिया और फिर रामपुर लौट गए।