बरेली। इलाहाबाद में संयुक्त निदेशक राजकीय मुद्रणालय के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी सुरेश चंद्र गुप्ता के खिलाफ बरेली की विजिलेंस ने मुरादाबाद में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सुरेश चंद्र पर सन् 1998 में मुरादाबाद में एडीएम आपूर्ति के पद पर उनकी तैनाती के दौरान एक साप्ताहिक अखबार के संपादक जगमोहन मल्होत्रा ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। विजिलेंस की जांच में आरोप सही पाए गए।
जगमोहन मल्होत्रा के आरोपों पर सुरेश चंद्र गुप्ता के खिलाफ सन् 1999 में प्रदेश सरकार ने सतर्कता विभाग बरेली को जांच सौंपी थी। कानपुर देहात जिले की अकबरपुर तहसील के गांव बनार झलीपुर निवासी सुरेश चंद्र गुप्ता के खिलाफ जांच में विजिलेंस इंसपेक्टर ने पाया कि लोक सेवक के पद पर रहते हुए 14 अप्रैल 1980 से लेकर 31 अगस्त 2000 तक करीब 35.18 लाख रुपये की संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की। इसके साथ उन्होंने फाइनेंस में 13.25 लाख, बांड में 15 लाख, पीपीएफ में 16 लाख एवं एनएससी, यूटीआई, बांड, एलआईसी, इंदिरा विकास पत्र, एफडीआर में निवेश किए। इसके अलावा लखनऊ में आवासीय भूखंड के लिए 67.77 लाख रुपये व्यय किए। इसके आधार पर विजिलेंस टीम ने पाया कि एडीएम के पद पर तैनाती के दौरान सुरेश चंद्र ने करीब 32.59 लाख रुपये अधिक व्यय किए। वह इस अतिरिक्त संपत्ति का संतोषजनक हिसाब भी नहीं दे पाए। विजिलेंस इंसपेक्टर छत्रपाल सिंह ने उनके खिलाफ मुरादाबाद के थाना सिविल लाइन में धारा 13(1) ई, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है।
वर्जन
जांच में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी पाए जाने पर एडीएम रहे एससी गुप्ता के खिलाफ मुरादाबाद में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। - राजेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक विजिलेंस