बरेली/भुता। धान खरीद में बिचौलियों के हावी रहने से मंडी शुल्क में भारी गिरावट आई है। शनिवार को उप निदेशक मंडी के नेतृत्व में भुता की दो राइस मिलों पर छापा मारा गया तो स्टाक में हेराफेरी पकड़ी गई। दोनों मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं।
जिले में मूल्य समर्थन योजना के तहत धान खरीद कागजों पर हो रही है और राइस मिल मालिक और जमाखोर जमकर इसका फायदा उठा रहे हैं। शनिवार को उप निदेशक मंडी एसपी यादव और सचिव एसएस यादव ने भुता के गांव पड़ोली में विजय उद्योग और अग्रवाल राइस मिल पर छापा मारा। स्टाक रजिस्टर की जांच की गई तो पता चला कि विजय उद्योग राइस मिल ने 5509 क्विंटल धान खरीद दर्शायी थी जबकि मिल पर 37 क्विंटल धान ज्यादा था। इसी तरह चावल भी 1922 की जगह 1940 क्विंटल निकला।
अग्रवाल राइस मिल पर भी 42 क्विंटल ज्यादा धान मिला लेकिन चावल स्टाक रजिस्टर में दिखाई मात्रा से 18 क्विंटल कम था। मंडी समिति अफसरों ने बताया कि स्टाक ज्यादा मिलने का मामला अधिक गंभीर है। मिलों में टैक्स हेराफेरी की पुष्टि हुई है। उनके मालिकों को नोटिस जारी कर टैक्स और जुर्माना वसूला जाएगा।
भुता स्थित दो राइस मिलों पर हुई चेकिंग में स्टाक हेराफेरी और टैक्स चोरी की पुष्टि हुई है। इनसे टैक्स वसूली होगी। -एसपी यादव, उप निदेशक मंडी