बहेड़ी। बांसी मठ की बेशकीमती जमीन हथियाने के लिए साधुओं के गुट तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इनके बीच चल रहे विवाद के मद्देनजर डीएम ने तहसीलदार को मठ का रिसीवर नियुक्त किया था। बावजूद इसके अब साधुओं के एक गुट ने मठ पर कब्जा कर लिया। संघर्ष की आशंका की खुफिया रिपोर्ट पर तहसीलदार ने मठ को खाली कराने के आदेश पुलिस को दिए हैं।
अलखनाथ मंदिर के महंत बाबा बालकगिरि और बाबा मलखान गिरि के बीच कई साल से बहेड़ी के बांसी मठ की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पहले मलखान गिरि काबिज हुए और फिर बालक गिरि को गद्दी मिल गई। एक साल पहले बाबा बृहस्पति गिरि ने मठ पर कब्जा जमा लिया। रोजमर्रा के विवाद की वजह से तहसीलदार एके उपाध्याय को मठ का रिसीवर नियुक्त कर दिया गया। तहसीलदार ने तब मठ से साधुओं को हटा दिया। कुछ दिन सब कुछ शांत रहा। अब साधुओं के दूसरे गुट ने मठ पर धूनी जमा ली है। खुफिया अमले ने एक बार फिर खूनी संघर्ष की आशंका जताते हुए प्रशासन को रिपोर्ट दी। इसके बाद तहसीलदार ने पुलिस को आदेश दिए कि मठ खाली कराकर पुलिस उसकी सुरक्षा करे। बुधवार को पुलिस मठ से साधुओं को हटाएगी।
वर्जन-
मठ की गद्दी और जमीन को लेकर खूनखराबे की आशंका है। नए निर्णय तक इनमें किसी को नहीं रहने दिया जाएगा। पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिये गए हैं।- एके उपाध्याय, तहसीलदार