भमोरा (बरेली)। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के दिन 17 अप्रैल को मतदान केंद्र परिसर में आत्मदाह करने वाले हरिसिंह जाटव के परिवार की न्याय की जंग एक कदम और आगे बढ़ी है। हरिसिंह को वोट डालने से रोक कर आत्मदाह के लिए विवश करने के आरोप शनिवार को क्राइम ब्रांच ने बीएलओ सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। बयान दर्ज करने के बाद उसे भमोरा पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस उसे रविवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजेगी।
हरिसिंह प्रकरण की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सैय्यद अनवार अली ने शनिवार को बीएलओ सुनील कुमार को बयान देने के लिए अपने कार्यालय में तलब किया था। जमालपुर गांव निवासी रोजगार सेवक सुनील बयान के बयान दर्ज करने के बाद इंस्पेक्टर ने वहीं पर उसे गिरफ्तार कर लिया। शाम को उसे भमोरा थाना पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया। पुलिस ने सुनील की गिरफ्तारी अपने रिकार्ड में दर्ज कर ली है। एसओ शिवराज सिंह ने बताया कि सुनील को रविवार को जेल भेजा जाएगा।
बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान 17 अप्रैल को देवचरा के रामभरोसे लाल इंटर कालेज में वहीं के निवासी हरिसिंह जाटव ने आत्मदाह कर लिया था। वह पत्नी के साथ दो बार मतदान के लिए गया लेकिन पर्ची लाने की बात कहकर उसे मतदान नहीं करने दिया गया। इससे आहत होकर उसने मतदान केंद्र पर ही आत्मदाह कर लिया था। इस मामले में बीएलओ सुनील कुमार समेत कई लोगों की भूमिका संदिग्ध रही। मामले को तत्कालीन एसओ भमोरा जवाहरलाल यादव ने दबाने की कोशिश की। उन्होंने कोटेदार श्यामसिंह की तरफ से एक पत्र लेकर जीडी में तस्करा डाल दिया और घटना को इत्तेफाक दिखा दिया था। हरिसिंह की पत्नी तारावती की थाने में कोई सुनवाई नहीं हुई। उस समय जिले के बरिष्ठ अधिकारी भी मामले को टालते नजर आए। अमर उजाला ने हरिसिंह के परिवार वालों को न्याय दिलाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। इस बीच तारावती ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और इसकी जांच क्राइम ब्रांच को दी गई। माना जा रहा है जांच आगे बढ़ने पर कई और लोग भी इसमें फंस सकते हैं।