इस बार बरेली से 999 लोगों को हज पर जाना नसीब होगा जबकि यहां 1527 लोगों ने हज यात्रा के लिए आवेदन किया था। खास बात यह है कि जितने भी लोगों का चयन हुआ उनमें एक भी बच्चा शामिल नहीं है।
लखनऊ में मंगलवार को हुए कुरा (लाट्री) के बाद हज यात्रियों के जाने का रास्ता साफ हो गया है। जिन लोगों का नाम लिस्ट में आ चुका है वे पांच अप्रैल तक हज यात्रा की पहली किस्त 81 हजार रुपये जमा होगी। इसमें जिन आवेदकों का चयन नहीं हो सका है वो अभी मायूस न हों, उसमें से कुछ लोगों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। इधर दरगाह आला हजरत स्थित सभागार में रजा हज सेवा समिति की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। इसमें हज के लिए चयनित यात्रियों को मुबारकबाद देते हुए प्रशिक्षण कैंप की तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक शहर काजी मौलाना असजद रजा खां की सरपरस्ती और मौलाना शहाबउद्दीन रजवी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। संचालन सचिव नाजिम बेग ने किया।
बरेली हज सेवा समिति के प्रवक्ता पम्मी खां वारसी ने बताया कि हज यात्रियों की सुविधा के लिए समिति की ओर से फ्री मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। इसमें मेडिकल स्क्रेनिंग एंड फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने की व्यवस्था की गई है। कैंप जसोली स्थित अल कुरैश हास्पिटल में सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक, बिहारमान नगला डेलापीर स्थित अमीन क्लीनिक पर सुबह 10 से दोपहर एक बजा तक लगाया जाएगा। मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए हज सेवा के रोडवेज स्थित कार्यालय से प्रभारी मोहसिन इरशाद और बिहार कला में एसआई खान के बिहार कला स्थित प्रतिष्ठान से फार्म प्राप्त किए जा सकते हैं।