बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में सोमवार से ‘पशु आहार प्रौद्योगिकी’ पर उद्यमिता कार्यक्रम शुरू हुआ। एग्री-बिजनेस इंकुबेशन (एबीआई) केंद्र पर शुरू हुए इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने पशु पालकों को जानकारी दी कि वैज्ञानिक पद्धति से पशु पालन किया जाए तो किसान की आय को बढ़ाया जा सकता है। पशुओं को उचित व पोषणयुक्त पशु आहार मिलना चाहिए। कार्यक्रम चार मई तक चलेगा।
इसमें बिहार, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के उद्यमी और अग्रणी पशु पालक हिस्सा ले रहे हैं। मुख्य अतिथि संस्थान के संयुक्त निदेशक शोध डॉ. बीपी मिश्रा ने कार्यक्रम की विस्तार से कार्यक्रम की जानकारी दी। पशुओं के लिए आहार प्रौद्योगिकी का महत्व बताया। उचित व पोषणयुक्त पशु आहार से पशुधन उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। पशुपालन से जुड़ी वैज्ञानिक पद्धति को अपनाने पर जोर दिया। पशु पोषण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके वर्मा ने प्रोटीन, ऊर्जा, विटामिन की कमी से होने वाले नुकसान के बारे बताया। प्रधान अन्वेषक एवं जैविक उत्पाद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह ने डेयरी व्यवसाय, गुणवत्तायुक्त दूध उत्पादन प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन, फ्रोजेन सीमेन उत्पादन, शूकर पालन की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान डॉ. पुतान सिंह, डॉ. ज्ञानेंद्र गौड़, डॉ. मुकेश सिंह, डॉ. एसके सिंह, डॉ. नारायण दत्ता, डॉ. सुनील जाधव आदि मौजूद रहे।