‘भगवत आराधना में समर्पित साधक को ही सिद्धत्व’
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बरेली। जनकपुरी स्थित श्री शिव शक्ति मंदिर में चल रहे स्थापना दिवस के तीसरे दिन पठानकोट से आए कथाव्यास अतुल कृष्ण शास्त्री ने भागवत कथा का महात्मय बताया। कहा, भगवत आराधना में समर्पित साधक को ही सिद्धत्व प्राप्त होता है। इसके बाद ही वह सिद्ध पुरुष कहलाता है। बताया कि साधक के जीवन का भाव केवल हरि कृपा व हरि भक्ति पर ही केंद्रित रहता है। इसके प्रभाव से साधक धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की माया से परे होकर प्रभु शरणागति होने पर ही परम लक्ष्य को प्राप्त करता है। उन्होंने ‘तेरी चौखट पर दिन गुजारा करूं, श्री राधारमण पुकारा करुं’ ‘श्री राधा नाम’ व अन्य भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। यहां राम सेठी, जगदीश भाटिया, जोगेंद्र साहनी, जितेंद्र सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।