बरेली। किसान की हत्या के मामले में उसकी पत्नी समेत सभी गवाह अपने बयान से मुकर गए, जिसके बाद अदालत ने हत्या के चारों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
भोजीपुरा के गांव फरीदापुर जागीर में किसान डूंगरपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी पत्नी शांति देवी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि डेढ़ साल पहले नहर के पानी को लेकर उसके पति का गांव के कृष्णपाल, हरेंद्र, गुडडु उर्फ रघूवीर सिंह और वेदराम से विवाद हो गया था। इसके साल भर बाद उसके गन्ने के खेत में आग लगा दी गई। गांव के लोगों ने समझौता करा दिया, फिर भी आरोपी रंजिश मानते रहे और उसके पति को जान से मारने की धमकियां देते रहे। 14 अक्टूबर 2009 की रात आरोपी उसके घर में घुस आए। कृष्णपाल ने तमंचे से उसके पति के गोली मार दी जिसके बाद सभी भाग गए। गवाही के दौरान शांति देवी अपने बयान से मुकर गई और कहा कि उसने किसी को गोली चलाते नहीं देखा। बाकी गवाह भी पलट गए। इसके बाद अपर न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने चारों अभियुक्तों को आरोपों से बरी कर दिया।