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गन्ना उत्पादक महाविद्यालय में हिंदी कार्मिकी का पेपर लीक

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बहेड़ी (बरेली)। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय में चार अप्रैल को होने वाला बीए द्वितीय वर्ष हिंदी कर्मिकी का पेपर लीक हो गया। केंद्र अध्यक्ष ने तारीख बदलने के बावजूद 17 मार्च रविवार को ही यह परीक्षा करा दी। छात्रों ने हंगामा किया तो आनन-फानन में प्रश्नपत्र एवं कॉपियां जमा करके दोबारा सील कर दी गईं। प्राचार्य ने केंद्र अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। साथ ही, मामले की सूचना कुलपति, कुल सचिव, परीक्षा नियंत्रक और डीएम को दी गई है।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने 17 मार्च को होने वाली हिंदी कार्मिकी की परीक्षा स्थगित कर उसकी तिथि चार अप्रैल को तय की थी। इसका विज्ञापन जारी करने के साथ ही डिग्री कालेज के नोटिस बोर्ड पर भी जानकारी चस्पा की गई थी। कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अखिलेश पांडेय 18 फरवरी को छुट्टी गए इसलिए डॉ. शचींद्र मोहन शर्मा को केंद्र अध्यक्ष नियुक्त किया गया। सात मार्च को वह छुट्टी से वापस भी लौट गए। इसी बीच रविवार 17 मार्च को द्वितीय पाली में परीक्षा तिथि बदलने के बाबजूद केंद्र अध्यक्ष ने चार अप्रैल को होने वाले हिंदी कार्मिकी का पेपर फाड़कर परीक्षा शुरू करा दी। पंजीकृत 67 छात्रों में 61 उपस्थित थे। करीब डेढ घंटे बाद छात्रों ने हंगामा किया तो मामला खुला। पेपर व उत्तर पुस्तिकाएं वापस लेकर सील कर दी गईं। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अखिलेश पांडेय ने नुकसान न होने देने का आश्वासन देकर छात्रों को शांत कराया। इसके बाद कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक व डीएम को मामले की सूचना दी गई।

कमेटी गठित, मांगा स्पष्टीकरण
सोमवार को कार्यवाहक प्राचार्य ने केंद्र अध्यक्ष डॉ. शचींद्र मोहन शर्मा को इस बाबत नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है जिसमें प्रबंध कमेटी के कोषाध्यक्ष चौ. नरेंद्र सिंह, सदस्य छत्रपाल सिंह एवं सीनियर प्रोफेसर डॉ. सुरेखा पिपलानी को शामिल किया गया है।
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केंद्र अध्यक्ष पर लगाए गए आरोप
प्राचार्य ने मांगे गए स्पष्टीकरण में आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय की परीक्षा नियमावली एवं पवित्रता को भंग कर घोर अनियमितता की गई है। इससे विश्वविद्यालय को आर्थिक क्षति भी हुई है। उनका आरोप है कि बगैर किसी सूचना के डॉ. शचींद्र मोहन शर्मा कालेज से पहले भी गायब रह चुके हैं। आए दिन कॉलेज छोड़कर चले जाते हैं और पूछने पर टालमटोल करते हैं। इस संबंध में बात करने के लिए केंद्र अध्यक्ष डॉ. डॉ. शचींद्र मोहन शर्मा को फोन किया तो उनका नंबर स्विच ऑफ मिला।

बतौर केंद्र अध्यक्ष डॉ. शचींद्र मोहन शर्मा ने चार अप्रैल को होने वाली परीक्षा रविवार को द्वितीय पाली में करा दी। वह कालेज के प्राचार्य बनने की दावेदारी करते हैं, क्या इस तरह के गैर जिम्मेदार व्यक्ति को इतना महत्वपूर्ण पद दिया जा सकता है। स्पष्टीकरण मांगा गया है, कार्रवाई भी निश्चित होगी। इस कालेज के इतिहास में कभी ऐसी हरकत नहीं हुई। विश्वविद्यालय की परीक्षा नियमावली के साथ खिलवाड़ हुआ है।
- डॉ. अखिलेश पांडेय, कार्यवाहक प्राचार्य गन्ना उत्पादक महाविद्यालय, बहेड़ी

शिक्षकों ने आपसी राजनीति के चलते कॉलेज को अखाड़ा बना दिया है। मगर मेरा निवेदन है कि शिक्षक आपसी लड़ाई में बच्चों के भविष्य से कोई खिलवाड़ न करें। मैं पूरे मामले की गहराई से जांच कराऊंगा और फिर कार्रवाई होगी। - प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति, रुविवि
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