बरेली। सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी टीचर को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। घटना की रिपोर्ट थाना सीबीगंज में 2 अगस्त 2016 को पीड़िता की मां की ओर से दर्ज कराई गई थी। जिसके मुताबिक महिला की बेटी सीबीगंज के एक स्कूल में पढ़ाती थी। घटना के दिन सुबह सात बजे वह टेंपो से उतरकर पैदल स्कूल जा रही थी। डिग्री कॉलेज से थोड़ा आगे एक सफेद वैन में सवार तीन नकाबपोश लोगों ने उसे जबरदस्ती वैन में खींच लिया। फिर वैन एक ईख के खेत में ले गए। जहां दो लोगों ने तमंचा दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसकी आपत्तिजनक फोटो भी खींचे। शिकायत पर फोटो इंटरनेट पर डालने की धमकी दी।
कोर्ट में पीड़िता ने अपनी गवाही में कहा कि वह अभियुक्त से प्रेम करती थी और शादी करना चाहती थी। शादी न करने की वजह से वह उससे नाराज थी। कोर्ट ने अपने फैसले मेें कहा कि चिकित्सीय साक्ष्य से घटना की पुष्टि नहीं होती है और न ही पीड़िता के बयानों से घटना की पुष्टि होती है। शरीर पर कोई चोट का निशान न होना अभियोजन कथानक को संदेह के घेरे में लाता है। कोर्ट ने अभियुक्त अमित राठौर को उन पर लगे आरोपों से बरी कर दिया।