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महाशिवरात्रि आज, जलाभिषेक की तैयारी पूरी

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भोलेनाथ के दर्शन को उमड़ेंगे भक्त अपार, तैयारियां पूरी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। महाशिवरात्रि पर नाथ नगरी में सोमवार को श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ेगी, जिसेे देखते हुए देर रात तक नाथनगरी के मंदिरों में साफ -सफाई समेत सजावट का काम चलता रहा। शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस और वालंटियर तैनात रहेंगे। भोर से महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु बम-बम भोले के जयकारे लगाकर शिव दर्शन और पूजन का लाभ लेंगे।
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मंदिरों में महाशिवरात्रि पर उमड़ने वाले हजारों भक्तों को सुविधानुसार जलाभिषेक व अन्य अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए पुजारियों की संख्या बढ़ाई गई है। शिवालयों के मुख्य पुजारियों ने बताया कि शिव का महाशृंगार और महाआरती वह स्वयं संपन्न कराएंगे। उसके बाद श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी उनके अन्य शिष्यों पर रहेगी, जो पूजन कार्य आदि संपन्न कराएंगे। साथ ही गर्भ गृह में प्रभु को अर्पित कंदमूल, फल आदि को हटाते रहेंगे ताकि किसी को कोई समस्या न हो। मढ़ीनाथ और धोपेश्वरनाथ मंदिर के पुजारियों के अनुसार मंदिर में सीसीटीवी लगवाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा गया था, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला।

धोपेश्वरनाथ
पुजारी घनश्याम ने बताया कि साफ -सफाई का काम कमेटी ने संपन्न कराया है। सुबह तीन बजे महाआरती के बाद सुबह चार बजे से मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पुलिस, वॉलंटियर्स मंदिर में सुरक्षा संभालेंगे। सीसीटीवी कै मरे नहीं लग सके हैं। सरोवर में दीपदान का आयोजन होगा। कालसर्प पूजन का अनुष्ठान होगा। अगले दिन प्रदोष पूजन किया जाएगा।
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अलखनाथ
फूल मालाओं से और चमकीली पट्टियों से सजे अलखनाथ में रात बारह बजे महाआरती शुरू होगी। सुबह दो बजे भगवान विष्णु की पूजा के बाद बाबा की महाआरती कर हलवे का भोग बांटा जाएगा। फिर भक्त दर्शन करेंगेे। सेवादारों ने बताया कि बैरीकेडिंग की व्यवस्था नहीं है। भक्तों को फल और ठंडाई का भोग बंटेगा। पुलिस, वॉलंटियर्स समेत सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर रहेगी। रात बारह बजे पट बंद होंगे।

वनखंडीनाथ
महंत कुमारानंद गिरी ने बताया कि पूरे मंदिर को सुगंधित फूलों और झिलमिलाती झालरों से सजाया गया है। बैरीकेडिंग कर पुुरुष महिला की अलग लाइन बनाई गई है। सुबह तीन बजे से रात तक चार बार शिव का विशेष शृंगार और महाआरती होगी। सुबह चार बजे रुद्राभिषेक होगा। पुजारियों के सहयोग से भक्तों के चढ़ाए कंदमूल व फलफूल को भक्तों में वितरित किया जाएगा।

तपेश्वरनाथ
पुजारी श्यामचंद्र शर्मा ने बताया कि परिसर सुबह तीन बजे महाआरती के बाद भक्तों के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे। 9 बजे के करीब सुभाषनगर, कालीबाड़ी, मॉडल टाउन सहित छह एरिया से झंडी अर्पण की जाएगी। पुलिस और मंदिर कमेटी के वॉलंटियर्स और सीसीटीवी कैमरे से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी होगी। रात बारह बजे के करीब महाआरती होगी फिर पट बंद किए जाएंगे।

मढ़ीनाथ
फूलों की लड़ियों को समेटकर माला बनाते लोग, मंदिर की पुताई और साफ -सफाई में जुटे कर्मचारी, गश्त करती पुलिस कुछ ऐसा ही नजारा रहा मढ़ीनाथ शिवालय का रहा। महंत धर्मेंद्र गिरी ने बताया कि सुबह तीन बजे महाआरती से शिवपूजन शुरू होगा। शाम को दीपदान होगा। सुरक्षा व्यवस्था पुलिस और वॉलंटियर्स देखेंगे। सीसीटीवी नहीं लगाया गया है। चढ़ाए गए कंदमूल भक्तों में वितरित किए जाएंगे।

त्रिवटीनाथ
पुजारी मनोज मिश्रा ने बताया कि समूचे मंदिर को फूलों और झालरों से सजाया गया है। वृंदावन से सभी देवी देवताओं के वस्त्र मंगाए गए हैं, जिन्हें शिवरात्रि के दिन धारण कराया जाएगा। सुबह चार बजे महाभिषेक और महाआरती होगी। ठंडाई वितरित होगी। दिन के तीन पहर आरती फिर रात 12 बजे पट बंद होंगे। स्थानीय पुलिस और वॉलंटियर्स तैनात रहेंगे। सीसीटीवी भी लगे हुए हैं।

पशुपतिनाथ
पुजारी मनोज ने बताया कि मंदिर को गेंदा के फूल से सजाकर परिसर में स्थित तालाब के फव्वारे को ठीक कराया गया है। पंडित पूजन व दर्शन कराएंगे। वॉलंटियर्स संग पुलिस सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। शिवरात्रि पर दिन में आठ-आठ बार महाआरती और शिव का शृंगार होगा। 1008 दीपों से दीपदान होगा। शिव के प्रतीकात्मक रूप को नौका विहार कराया जाएगा। परिसर में सीसीटीवी से निगरानी रहेगी।
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मंदिरों में ये कार्य हैं वर्जित
- प्लास्टिक की थैली से जल या दूध चढ़ाना
- शिवालय में ज्यादा देर ठहरना
- धूम्रपान व गुटका का सेवन कनना
- पुजारी, कर्मचारी, दर्शनार्थी कार्यों में अवरोध उत्पन्न करना
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