बरेली। समाज कल्याण निर्माण निगम के चेयरमैन और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष बीएल वर्मा ने कहा कि सपा-बसपा का मिलन बेमेल विचारधारा का स्वार्थ भरा गठबंधन है। लोकसभा चुनाव में इसका टूटना तय है। अखिलेश यादव जब अपने पिता के नहीं हुए तो बुआ के क्या होंगे।
बदायूं जाने से पहले सर्किट हाउस में बातचीत करते हुए बीएल वर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव ने 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से भी ऐसा गठबंधन करके यह कहा था कि यूपी को यह साथ पसंद है। लेकिन, जनता को न तो उस समय कांग्रेस का साथ पसंद आया, न ही लोकसभा चुनाव में बसपा का पसंद आएगा। विधानसभा चुनाव के बाद राहुल और अखिलेश में बातचीत तक बंद हो गई । उसी तरह लोकसभा चुनाव के बाद बुआ और बबुआ भी एक दूसरे को देखना पसंद नहीं करेंगे। भाजपा मोदी जी के नाम और कार्यकर्ताओं के काम की बदौलत भाजपा लोकसभा की 73 प्लस सीटें जीतेगी। देश में लूट खसोट करने के लिए चोर-चोर मौसेरे भाई इकट्ठा हो रहे हैं, लेकिन जनता को उनका नकार देगी।
राममंदिर पर अध्यादेश बताकर नहीं लाएंगे
बीएल वर्मा ने कहा कि राम मंदिर हिंदू समाज की आस्था का विषय है। अभी राम मंदिर का मसला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। अगर अध्यादेश की जरूरत पड़ी तो दस प्रतिशत आरक्षण की तरह अचानक आएगा। उसे पहले से बताया नहीं जाएगा। रविंद्र सिंह राठौर, डा. केएम अरोड़ा, उमेश कठेरिया, यतिन भाटिया, देवेंद्र जोशी, मनोज यादव आदि ने मंत्री का फूल मालाओं से स्वागत किया।