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जंगल बचाने की जिन्हें दी जिम्मेदारी वही कटा रहे पेड़

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जंगल के रखवाले ही कटवा रहे पेड़

लखीमपुर खीरी। जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन्हें दी गई है वही जंगल से पेड़ कटवा रहे हैं। अब तक पकड़े गए लोगों से इस बात का खुलासा हुआ है। पिछले चार माह में जंगल से अवैध रूप से कटान के मामले में चार वाचर जेल भेजे जा चुके हैं। इनके अलावा दो और लोग भी पकड़े गए जिनका संबंध वाचरों से है। लकड़ी कटान के अन्य कई मामलों में वाचरों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
जंगल में चोरी से पेड़ कटाने के मामले में कर्तनिया घाट वन्यजीव विहार की विभिन्न रेंजों में चार वाचर या उनके रिश्तेदार पकड़े गए। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के संपूर्णानगर रेंज में भी दो वाचर पकड़े जा चुके हैं। हाल ही में संपूर्णानगर रेंज में चोरी से शीशम का पेड़ काटने के आरोप में दो लोग पकड़े गए हैं। इन दो आरोपियों में खुर्शीद और रियाज वन विभाग का वाचर है। इससे पहले दुधवा टाइगर रिजर्व के कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार के मुर्तिहा रेंज में 16 सितंबर को गुलामुद्दीन नाम का वाचर लकड़ी कटान के मामले में पकड़ा गया। एक दिसंबर को इसी रेंज में वाचर लल्ला का पुत्र रिजवान अवैध कटान करते पकड़ा गया, जिसे जेल भेजा गया। इसके बाद सात दिसंबर को कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार के सुजौली रेंज में तैनात वाचर संदीप को जंगल में पेड़ काटने के आरोप में पकड़कर जेल भेजा गया। इसी तरह 24 दिसंबर को कर्तनियाघाट के मोतीपुर रेंज में पूर्व वाचर पवन को पेड़ काटते पकड़ा गया उसे भी जेल भेजा गया।
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करीब तीन माह पहले दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के संपूर्णानगर रेंज में चोरी से पेड़ काटने का मामला सामने आया। जब जांच हुई तो पता चला कि पेड़ कटाने वाला और कोई नहीं वन विभाग का वाचर ऊधम सिंह है। इसके बाद सात जनवरी को फिर संपूर्णानगर रेंज में शीशम का पेड़ काटने के आरोप में दो लोग पकड़े गए। इनमें से एक वाचर रियाज था। दूसरा आरोपी खुर्शीद था। दोनों को वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।
अब दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन जंगल में तैनात वाचरों की गतिविधियों पर विशेष नजर रख रहा है। वाचरों को वन विभाग दैनिक श्रमिक के रूप में तैनात करता है। इनकी ड्यूटी वन और वन्यजीवों की सुरक्षा करना है। जंगल में आग आदि लग जाने पर इसकी सूचना देना है। जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है वही जंगल उजाड़ने में लगे हैं। इस बात को दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।
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पिछले चार महीने में दुधवा टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र से अवैध कटान के मामले में कुल चार वाचर, एक वाचर का पुत्र और एक पूर्व वाचर को पकड़कर वन अधिनियम के तहत जेल भेजा जा चुका हैं। अन्य वाचरों की भूमिका जांची जा रही है।
- रमेश कुमार पांडेय, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
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