बरेली। शनिवार को परामर्श केंद्र में कई दिलचस्प पारिवारिक विवादों की सुनवाई हुई। शहर की एक महिला अपने शाहजहांपुर निवासी पति से इस बात पर नाराज थी कि छत पर अलग रहने के बावजूद उसे पानी लेने और टॉयलेट के लिए नीचे आना पड़ता है। इस पर सास ताने देती हैं। बोली, जब तक ऊपर के हिस्से में टॉयलेट नहीं बनेगा और टंकी फिट नहीं होगी, तब तक वह ससुराल नहीं जाएगी।
काउंसलर वीके अग्रवाल के सामने सुनवाई को पेश हुए लाल इमली चौक, शाहजहांपुर निवासी शाहिद और बरेली निवासी उनकी बीवी के बीच खासी बहस हुई। शाहिद ने बताया कि वह फड़ लगाकर कपड़े बेचते हैं। इससे किसी तरह परिवार का गुजारा होता है। पत्नी और मां के बीच झगड़े के बाद छत पर बने कमरे में अलग रह रहा है। पत्नी जो कहेगी, वह कर देगा। बस थोड़ा वक्त चाहिए। हालांकि मायके में रह रही महिला शर्त पूरी होने के बाद ही ससुराल जाने की जिद पर अड़ी रही।
शराब न पीने की कसम खाई तो पत्नी ने कर दिया माफ
किला क्षेत्र की एक महिला ने पति समेत ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न का केस कर रखा था। काउंसलर्स के सामने बातचीत में साफ हुआ कि महिला पति के ज्यादा शराब पीने और पीटने से नाराज थी। पति ने लिखित में माफी मांगी और शराब न पीने की कसम खाई तो पत्नी ने उसे माफ कर दिया। इसके बाद दोनों साथ घर चले गए।