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रामगंगा के किनारे फर्जी आधार कार्ड मिलने की प्रकरण

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बरेली। महत्वपूर्ण दस्तावेजों के फर्जीवाड़े में एक बार फिर आंवला का नाम आया है। रविवार को रामगंगा नदी के तट पर बड़े पैमाने पर आंवला के नाम-पतों के आधार कार्ड लावारिस हाल में पड़े मिलने के बाद सवाल उठा कि करीब महीना भर पहले आंवला में पकड़े गए वोटर आईडी कार्ड की तरह ये आधार कार्ड भी तो फर्जी नहीं हैं। दरअसल, हाल ही में आधार कार्डों के नंबर में हेराफेरी करके अनाज घोटाले के मामले सामने आए थे। इसी को देखते हुए आशंका है कि ये आधार कार्ड किसी सरकारी रकम को हड़पने के लिए तो इस्तेमाल नहीं किए गए हैं। फिलहाल अधिकारी इस मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं।
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चर्चित अनाज घोटाले में बरेली के चार आधार कार्डों का 1299 बार उपयोग करने का खुलासा हुआ था। घोटालेबाजों ने नंबर एडिट कर किसी दूसरे के नाम और पहचान पर अनाज हड़पा था। रविवार शाम रामगंगा नदी के तट पर हनुमान मंदिर के पास लोगों को बड़ी तादाद में आधार कार्ड बिखरे पड़े मिले तो फिर सवाल उठने लगे। जिन ग्रामीणों ने इन कार्डों को यहां पड़ा देखा, उनके मुताबिक वे लोग एक अंत्येष्टि करने रामगंगा तट पर गए थे। वहां आधार कार्ड पड़े देखे तो उन्हें इकट्ठा कर रामगंगा पुलिस चौकी के इंचार्ज घनश्याम सिंह के सुपुर्द कर दिए।
सूत्रों के मुताबिक कुछ समय पहले जनसेवा केंद्रों पर बड़ी तादाद में फर्जी आधार कार्ड बनवाए गए थे। इनका कई जगह दुरुपयोग भी हुआ। इस पर शिकंजा कसने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने निजी संस्थाओं पर रोक लगा दी और अप्रैल से ये काम बैंकों के हवाले कर दिया। बताते हैं कि पूर्व में बनाए गए फर्जी आधार कार्ड में अब कोई बदलाव कराना हो तो यह मुमकिन नहीं है। इसलिए फर्जी कार्डों को फेंकने की बात बताई जा रही है। पुलिस यह भी आशंका जता रही है कि हो सकता है कि ये आधार कार्ड डाक से आए हैं और उन्हें बांटने की जगह यहां फेंक दिया गया हो। बहरहाल अधिकारी इसकी जांच कराने की बात कह रहे हैं।
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आंवला में सक्रिय है फर्जी सर्टिफिकेट और आईडी बनाने वाला गिरोह
समाज कल्याण की पारिवारिक लाभ योजना की रकम को ठिकाने लगाने के लिए तहसील से फर्जी आय प्रमाणपत्र जारी होने के मामले में भी आंवला का नाम सामने आ चुका है। अब रामगंगा किनारे मिले करीब सौ आधार कार्ड को लेकर भी आंवला एक बार फिर चर्चा में है। करीब तीन साल पहले आंवला तहसील के पास ही दुकानदारों के फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने का मामला पकड़ा गया था। इससे यह आशंका है कि इस फर्जीवाडे़ में कहीं आंवला में कहीं कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।

डाक विभाग के अफसर भी हुए सतर्क
रामगंगा किनारे आधार कार्ड मिलने को लेकर डाक विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। दरअसल, यूआईडीएआई लोगों को सीधे डाक से भी आधार कार्ड भेजता है। इसमें ज्यादातर साधारण डाक ही होती है। इसलिए विभाग के कुछ कर्मचारी इसमें लापरवाही करते हैं और इन्हें कुछ दिन डंप रखने के बाद फेंक देते हैं। हालांकि यह आधार कार्ड लिफाफों में न होने से डाक कर्मियों के इसमें शामिल होेने पर भी संशय है। हालांकि सीनियर सुपरिंटेंडेंट पोस्टमास्टर नईमुद्दीन ने बताया कि वे मामले की जांच कराएंगे।

आंवला क्षेत्र के आधार कार्ड क्यों फेंके गए, इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें दर्ज नाम और पते का भी मिलान होगा। ऐसा क्यों किया गया, फिलहाल इस पर कुछ कहना मुमकिन नहीं है। - विशु राजा, एसडीएम आंवला
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