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साहब! जिंदा या मुर्दा.. मेरे भाई का चेहरा दिखा दो

Tue, 25 Sep 2018 12:38 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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जिला अस्पताल से गायब अपने भाई को तलाशकर हार चुकी बहन सोमवार को सीएमएस के पास उसे तलाशने की गुहार लेकर पहुंची। बोली- साहब! जिंदा या मुर्दा.. कम से कम एक बार भाई का चेहरा तो दिखवा दो। बाद में उसने कोतवाली मेें पहुंचकर भाई के लापता होने की तहरीर दी।
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सिकलापुर निवासी महिला प्रेमलता के मुताबिक, उसके भाई मुकेश को बुखार आने पर 15 सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके गले में इस कदर तकलीफ थी कि वह बोल भी नहीं पा रहा था। 16 सितंबर की शाम मुकेश वार्ड से रहस्यमय ढंग से लापता हो गया। घरवालों ने डॉक्टरों से पता किया तो उन्होंने कह दिया कि इस नाम को कोई मरीज ही अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ। अगर भर्ती होता तो उसका रिकॉर्ड होता, जो नहीं है। प्रेमलता का कहना है कि घरवालों ने मुकेश को जिला अस्पताल में ही भर्ती कराया। सोमवार दोपहर करीब एक बजे प्रेमलता सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता के पास पहुंची। सीएमएस के साथ करीब 20 मिनट तक मुकेश के जिला अस्पताल में भर्ती होने या न होने को लेकर बहस चलती रही। सीएमएस ने कर्मचारी को बुलाकर रिकॉर्ड रूम से रजिस्टर मंगाकर प्रेमलता को दिखाया तो उसमें 15 सितंबर को मुकेश नाम के किसी भी मरीज के भर्ती होने के विवरण दर्ज नहीं था। प्रेमलता ने बताया कि चार साल पहले उसका बड़ा भाई भी जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था, उसकी मौत हो गई थी। अब छोटा भाई जिला अस्पताल से गायब हो गया है। प्रेमलता ने कोतवाली में तहरीर देकर मुकेश को तलाशने की गुहार लगाई है।

महिला जिस तारीख में अपने भाई के भर्ती होने की बात कह रही है उस दिन मुकेश नाम का कोई मरीज भर्ती ही नहीं हुआ था। महिला के सामने दो बार रिकॉर्ड रजिस्टर देखा गया, उसे भी दिखाया गया, लेकिन वह समझने को तैयार ही नहीं है। - डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस
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