सभी इंटर कॉलेजों में सीसीटीवी और शिक्षकों व छात्रों की हाजिरी बायोमेट्रिक से लगाने को लेकर कॉलेजों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। कॉलेजों का कहना है कि उनके पास इसके लिए संसाधन नहीं हैं। जिसके बाद डीआईओएस ने निर्देश दिए कि कम से कम एक क्लास में बायोमेट्रिक लगाकर इसकी शुरुआत कर दें। अगले साल से सभी क्लास में बायोमेट्रिक लगाई जाए। सीसीटीवी कैमरे अधिकतर कॉलेजों में लग चुके हैं।
शैक्षिक कैलेंडर और नए आदेशों के पालन के लिए शुक्रवार को एमबी इंटर कॉलेज में डीआईओएस ने जिले भर के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। 15 बिंदुओं पर समीक्षा की जिसमें सीसीटीवी की निगरानी में कक्षा संचालन और बायोमेट्रिक से हाजिरी प्रमुखता से लिया गया। सीसीटीवी से शिक्षक और छात्र क्लास बंक नहीं कर पाएंगे। इसपर कॉलेज सहमत दिखे, लेकिन बायोमेट्रिक पर सहमत नहीं दिखे। उनका कहना था कि सभी कॉलेजों के पास इतने संसाधन नहीं है। अगर बायोमेट्रिक लगाई तो हाजिरी लगाने में ही पूरा दिन निकल जाएगा। इसपर डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने कहा कि डैमो के तौर पर कुछ छात्रों की हाजिरी बायोमेट्रिक से लगवाएं। अगले साल से पूरे कॉलेज की हाजिरी इससे लगवाई जाएगी। इसपर कॉलेज तैयार हो गए। सभी कॉलेजों में अनुशासन समिति बनाई जाएगी। इसमें शिक्षक, छात्र शामिल होंगे। कॉलेज में अनुशासन बनाने का कार्य ये समिति करेगी। जो छात्र नाम लिखाकर दूसरे कॉलेज में पढ़ रहे हैं उनको नोटिस जारी किए जाएं। कॉलेजों में सरकारी किताबें ही पढ़ाई जाएं। अगर कोई कुंजी या गाइड से पढ़ाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिन कॉलेजों का रिजल्ट चालीस फीसदी से कम होगा उनको नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा। पठन पाठन का अच्छा माहौल बनाने और नियमित कक्षा लगाने के निर्देश दिए।