जेठ का गंगा दशहरा गुरुवार को पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। रामगंगा घाट पर गंदगी और बदइंतजामी के बीच ही लोगों ने आस्था की डुबकी लगाकर गंगा स्नान कर दान पुण्य किया। वहीं जिला प्रशासन और पुलिस को जानकारी न होने की वजह से न तो सुरक्षा के इंतजाम थे और न ही घाट पर ही कोई व्यवस्थाएं थीं।
पुरुषोत्तम मास को लेकर इस गंगा दशहरा की विशेष मान्यता थी, इस दिन किया गया गंगा स्नान हजारों पुण्य के बराबर था, इसी को ध्यान में रखते हुए तमाम लोग रामगंगा घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। लोगों ने कम और गंदे पानी में स्नान किया और पूजा आदि करके दान पुण्य किया। तट पर घाट बनाकर बैठे पंडित रामवीर नाथ गोस्वामी ने बताया कि आज का दिन गंगा स्नान के लिए महान और उत्तम है। इस दिन स्नान करना अन्य पर्वों की अपेक्षा कहीं ज्यादा कल्याणकारी है। इसलिए जिन्हें यह बात पता थी, वे लोग स्नान-दान करने आए हैं। इतना ही नहीं लोगों ने बच्चों के मुंडन भी कराए हैं।
रामगंगा तट पर कराए बच्चों के मुंडन
पर्व की महत्ता को समझते हुए लोगों ने न केवल स्नान किया, बल्कि अपने बच्चों के मुंडन भी कराए। रुद्रपुर से आए चिरंजी लाल ने अपने पोते का मुंडन कराया था। बताया उनके यहां यहीं रामगंगा तट पर मुंडन कराए जाते हैं। उन्होंने अपने बच्चों के भी मुंडन यहीं कराए हैं। अब पोते का मुंडन कराने परिवार के साथ आए हैं।
पुलिस प्रशासन के रिकॉर्ड में नहीं था मेला
रामगंगा तट पर बदइंतजामी और गंदगी के बीच श्रद्धालुओं के स्नान करने की वजह यह भी थी कि पुलिस और प्रशासन के रिकार्ड में यह मेला था ही नहीं। घाट पर बैठे लोगों ने बताया कि पुलिस के रिकॉर्ड में यह मेला नहीं था, इसलिए सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम भी नहीं किए गए।
स्टाल लगाकर राहगीरों में बांटा शरबत
गंगा दशहरा के महत्व को समझते हुए धर्म परायण लोगों ने जगह-जगह तपती दोपहर में शरबत के प्याऊ लगाए। शहर से लेकर बदायूं रोड तक तमाम लोग शरबत और ठंडा पानी पिलाते नजर आए। शहर में समाज सेवा मंच की ओर से नगर निगम के पास शरबत बांटा गया। बदायूं रोड पर चार स्थानों पर लोगों को शरबत बांटा जा रहा था। कैंट स्थित वीरांगना चौक पर शरबत के साथ आइसक्रीम भी राहगीरों में बांटी जा रही थी।