दो दिन पहले घर में लगी आग से ट्रक ड्राइवर अपने पति और दो बच्चों को गंवाने वाली भोजीपुरा की लक्ष्मी सोमवार तड़के कुदेशिया रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन के आगे कूद गई। इस घटना में उसके दोनों पैर कट गए। घर में हुए अग्निकांड में झुलसी लक्ष्मी और उसका ढाई वर्षीय तीसरा बच्चा जिला अस्पताल में भर्ती थे। वहां से बेटे को लेकर रविवार शाम को वह कहीं चली गई थी।
उसके ससुर और देवर ने रविवार को अस्पताल जाकर पति और दो बच्चों की हत्या का आरोप लगाते हुए उसे धमकाया था। इसके बाद शाम को वह बच्चा लेकर अस्पताल से भाग निकली थी। पुलिस का मानना है कि ससुराल वालों के आरोपों से आहत होकर ही वह खुदकुशी करने के लिए ट्रेन के आगे कूदी। प्रेमनगर पुलिस ने सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह करीब सात बजे मरणासन्न अवस्था में रेलवे ट्रैक पर पड़ी लक्ष्मी और थोड़ी दूर बिलखते मिले बच्चे को उठाकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने लक्ष्मी का ऑपरेशन किया है। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। देर रात तक उसे होश नहीं आया था।
भोजीपुरा के गांव लखमपुर में घर में शुक्रवार रात लगी आग से ट्रक चालक राजाराम, उसके बेटे नितिन और बेटी चांदनी की मौत हो गई थी। पत्नी लक्ष्मी और ढाई साल का तीसरा बेटा लकी भी झुलस गए थे। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार दोपहर राजाराम के पिता लालता प्रसाद के साथ पूरा परिवार भोजीपुरा थाने पहुंचा जहां पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि राजाराम को दो बच्चों के साथ सोफे पर बांधकर जलाया गया है।
इससे पहले लालता प्रसाद और उनका छोटा बेटा लालाराम जिला अस्पताल भी पहुंचे थे जहां उन्होंने लक्ष्मी को खरीखोटी सुनाते हुए जमकर धमकाया था। शोरशराबा होने पर स्टाफ ने उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद लक्ष्मी काफी परेशान दिखाई दी। राजाराम की बुआ कमला ने बताया कि शाम छह बजे वह अस्पताल के बाहर दूध लेने गई थीं। लौटीं तो लक्ष्मी अपने बेटे लकी और मां को लेकर जा चुकी थी।
होश आने पर दर्ज होंगे बयान
पति और दो बच्चों को खो चुकी महिला का खुदकुशी की कोशिश करना दुखद है। बताया जाता है कि उस पर परिवार दबाव बना रहा था। वे लोग उसके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराना चाहते थे। रविवार को हमने जांच कराने की बात कही थी। महिला के होश में आने के बाद उसके बयान लिए जाएंगे।
- सतीश कुमार, एसपी देहात