बारिश तो बंद हो गई लेकिन अब असली आफत शुरू हुई है। जिन- जिन इलाकों में हल्का पानी भरा था वहां कीचड़- कीचड़ हो गया है। गंदगी से बुरा हाल है। वहीं, रेजीडेंसी गार्डेन और हजियापुर में अभी भी पानी भरा हुआ है। शनिवार को आसमान साफ होने से तेज धूप निकली। इससे संक्रामक रोगाें के पनपने का खतरा बढ़ गया है।
रेजीडेंसी गार्डेन में अभी भी लोग घराें में कैद
रेजीडेंसी गार्डेन में अभी भी पीछे की ओर रहने वाले लोग घराें में कैद हैं। यहां पानी निकालने के लिए शनिवार को चार पंप लगाए गए। लेकिन अभी भी पूरा पानी नहीं निकल सका है। शाम को भी घुटने तक पानी भरा रहा। लोगों ने अपनी कारें बचाने के लिए घरों से दूर ऊंचे स्थान पर खड़ी कर रखी हैं। घराें तक पहुंचने के लिए लोग रिक्शे का प्रयोग कर रहे हैं।
रुमाल रखकर निकल रहे लोग
हजियापुर में प्रवेश करते ही आपको नाक पर रुमाल रखना पड़ेगा। पूरे इलाके में गंदगी है। कीचड़ और कूड़े से भीषण दुर्गंध आ रही है। जिस जगह पर राजकीय यूनानी कॉलेज बनाया जाना है वहां कूड़े का ढेर पड़ा हुआ है। पानी की वजह से कूड़ा सड़ रहा है। ठीक इससे सटे तालाब में पानी अभी भी भरा है। इसी से चिपके रेजीडेंसी गार्डेन में इसी तालाब से पानी उफनाकर पहुंच रहा है। हजियापुर इलाके में अभी भी जलभराव है। यहीं गंदगी में ही मांस की दुकान खुली है जहां से लोग मांस खरीद रहे हैं। बच्चे और इलाके के लोग इसी पानी से निकलकर आ जा रहे हैं। लोगों ने बताया कि जब धूप निकलेगी तब पानी सूखेगा। पानी निकासी का कोई इंतजाम नहीं है।
संजयनगर में गंदगी
संजयनगर इलाके में बारिश के बाद जलभराव तो कम हैं लेकिन कीचड़ बहुत है। दुर्गानगर और आसपास के इलाकों में फिसलन हो गई है। क्रिएथिक्स स्कूल के पीछे इलाके में अभी भी हल्का जलभराव है। शनिवार को कई जगह पर पानी निकालने के लिए निगम की टीम पहुंच ही नहीं पाई।
संक्रामक रोगाें का खतरा
डॉक्टर बता रहे हैं कि बारिश के बाद धूप निकलने से बीमारियाें का खतरा बढ़ जाता है। संक्रामक रोग पनपते हैं। कुछ ज्यादा दिन पानी ठहरा तो मच्छर भी पैदा होंगे। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल ने बताया कि डायरिया जैसी बीमारी के लिए यह मौसम बहुत मुफीद है। आप कुछ बाजार का खुला खाइये या फिर बिना उबला पानी पीजिए। बीमारी की चपेट में आ जाएंगे। यह मौसम पेट की बीमारी के लिए सबसे ज्यादा असरकारक है। गंदगी से बचना जरूरी है।