ईद अब करीब है, लेकिन निकहत परवीन के घर इस बार भी मायूसी है। इस ईद पर भी निकहत को अपने शौहर के दीद नहीं हो पाएंगे। सऊदी अरब काम के लिए गए उनके शौहर तीन सालों से नहीं लौटें है और वहां गुमनामी की जिंदगी में हैं। इसके लिए निकहत के परिवार ने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मदद की उम्मीद लगाई है।
यहां कटरा चांद खां निवासी पचपन वर्षीय गयास अहमद इलेक्ट्रीशियन के तौर पर एक दलाल के माध्यम से सऊदी अरब गए थे। जहां उनसे लेबर का काम लिया जाने लगा। जो वो कर नहीं पा रहे थे। जब उन्होंने नौकरी छोड़ने का मन बनाया तो शेख ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया। अब पता चला है कि वो वहां तीन साल से छुपते छुपाते जिंदगी बसर कर रहे हैं। स्थिति यह है कि वहां काम न होने के कारण घर पर पैसा भी नहीं भेज पा रहे हैं। जिस कारण उनका परिवार तंगहाली में गुजर रहा है। गयास यहां जरी का काम करते थे। एक्सपोर्ट में आई कमी के चलते उनका काम खराब हो गया। एक तलाकशुदा बेटी की जिम्मेदारी और डूबे कर्ज को चुकता करने के लिए उन्होंने अरब जाने का फैसला लिया।
बीवी निकहत ने बताया कि उनके शौहर गयास के जाने के बाद जैसे तैसे तलाकशुदा बेटी की शादी की। जिससे इस शादी का कर्ज भी आ पड़ा। उनके कोई भाई बेटा भी नहीं है जो मदद कर सके। उनकी दोनों बेटियों के पति उनकी अर्थिक मदद करते हैं तब कहीं उनके घर का खर्च चल पाता है। इस मामले में उनके बड़े दामाद रिजवान बरकाती ने निकहत परवीन की ओर से प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को ट्वीट और पत्र लिख कर मदद की गुहार लगाई है।
इधर उनके दामाद रिजवान बरकाती का कहना है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने विदेशों में फंसे कई लोगों को अपने वतन लाने में अहम भूमिका निभाई है। इस लिए उम्मीद है कि उन्हें भी मदद मिलेगी और वो गयास को भारत वापस ला पाएंगे।