बरेली। विकास कार्यों की गुणवत्ता और स्थिति को लेकर तैयार की गई ग्रेडिंग रिपोर्ट में जिले की 1188 में से 878 यानी करीब 74 फीसदी ग्राम पंचायतें ए श्रेणी में दर्ज हैं। हालांकि, हकीकत में देखा जाए तो इन गांवों में विकास की तस्वीर काफी बदहाल है। 310 ग्राम पंचायतों को बी श्रेणी मिली है। जिले की एक भी ग्राम पंचायत सी श्रेणी में नहीं है।
पंचायतों में उपलब्ध सुविधाओं, कराए गए विकास कार्यों और अन्य निर्धारित बिंदुओं के आधार पर ग्रेडिंग रिपोर्ट बनाई गई है। इसके मुताबिक, जिले की अधिकतर पंचायतें बेहतर स्थिति में हैं, लेकिन मौके पर कई पंचायतों में सड़कें टूटी हैं, नालियां अधूरी या चोक हैं और मूलभूत सुविधाओं की कमी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिन पंचायतों को ए श्रेणी दी गई है, वहां निरीक्षण के दौरान क्या वास्तव में सभी मानक पूरे मिले थे या फिर खानापूर्ति कर ग्रेडिंग तैयार कर दी गई।
ऐ श्रेणी की पंचायतों का ये है हालफोटो
- रामनगर ब्लॉक के गांव ब्योधन खुर्द की गलियों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- हाफिजगंज में ग्राम प्रधान के घर के सामने वाला मार्ग ही खस्ताहाल है। 55 लाख की स्ट्रीट लाइटें एक साल से खराब हैं। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है।
- बहेड़ी ब्लॉक के गांव आदलपुर में हर घर नल योजना के तहत आधे घरों में सप्लाई नहीं होती। स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। बरसात में भीषण जलभराव होता है।
- मीरगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत तिलमास की सफाई व्यवस्था बदहाल है। सड़क पर जलभराव है। जलापूर्ति व कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था भी ठीक नही है।
वर्जन
बीते वर्षों में ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का मूल्यांकन और सर्वे करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके आधार पर ही ग्रेडिंग हुई है। जिन ग्राम पंचायतों में अभी समस्याएं हैं, वहां जरूरी विकास कार्य कराए जाएंगे। - चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक, डीआरडीए