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मात्र 8713 किसानों का ही किया गया बीमा

Wed, 24 Feb 2016 01:30 AM IST
बरेली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को बरेली में किसान कल्याण रैली के माध्यम से किसानों को यह बताने आ रहे हैं कि उनके लिए केंद्र सरकार बहुत कुछ कर रही है। नाम मात्र की प्रीमियम की राशि फसल बीमा योजना भी इनमें से एक है। मगर इस योजना का हाल बुरा है। केंद्र सरकार के अधीन बैंक  किसानों के फसली बीमा में रुचि नहीं ले रहे हैं। पिछले साल ओलावृष्टि से बर्बाद हुई रबी की फसल से भी सबक नहीं लिया गया।  इस साल रबी फसल में 3.47 लाख में से मात्र 8713 किसानों से ही बैंकों ने प्रीमियम काटकर फसली बीमा किया है।
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 पिछले साल ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। उस समय बर्बाद हुए एक सौ से अधिक किसानों में से कुछ ने आत्म हत्या की थी। कई की सदमे से मौत हो गई थी। इतना सब कुछ होने पर लखनऊ और दिल्ली तक हड़कंप मचा। कुछ किसानों की मौत के बाद उनके परिजनों को आर्थिक मदद दी गई। फसल की क्षति का सर्वे कराकर आंकड़े तैयार किए गए। 33 फीसदी से अधिक क्षति वाले 3.24 लाख किसानों की मदद के लिए 1.77 अरब मांगे गए। उसकी बंदरबांट पर भी खूब बवाल हुए। कई बार अनुरोध करने पर 67 करोड़ 52 लाख रुपये ही मिले, यह रकम 2.66 लाख किसानों को ही बांटी गई।
इन्फो
-रबी फसल के 3.47 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड के आधार पर 3.87 अरब का कर्जा बांटा
- जिले की बैंकों ने 8713 किसानों  का प्रीमियम लेकर बीमा कंपनी को भेजा
ये हैं संशोधित नियम
-फसली ऋण लेने वाले सभी किसानों का फसल बीमा अनिवार्य है। प्रीमियम का दो फीसदी अंश किसान देंगे, बाकी का आठ फीसदी अंश सरकार देगी। क्लेम का भुगतान दो महीने के स्थान पर 21 दिन में होगा, जिसकी प्रक्रिया जिला मुख्यालय पर डीएम तय करेंगे। इसमें 15 दिन प्रशासनिक स्तर पर सर्वे से लेकर क्लेम मंजूरी तक। शेष सात दिन बीमा कंपनी को भुगतान करने के लिए निर्धारित किए गए हैं।
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फसल बीमा का क्षेत्र न्याय पंचायत के स्थान पर ग्राम पंचायत रहेगा। इसमें भी राजस्व विभाग के तहसीलदार और डीएम का निर्णय ही अंतिम होगा।
इन फसलों का होगा बीमा
गेहूं, मटर, मसूर, लाहा, सरसों, गन्ना, आम, पपीता, धान, बाजरा, उर्दस तिल, मूंगफली आदि।

 ‘सभी बैंकों से मिले आंकड़ों के अनुसार 8713 किसानों के फसली ऋण से 1.13 करोड़ रुपये का प्रीमियम काटकर इफ्को टोकियो इंश्योरेंश कंपनी को भेजा गया है।’ देवेंद्र सिंह सक्सेना, प्रबंधक लीड बैंक
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