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हमले के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए को पीटकर मार डाला

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हाफिजगंज/भंडसर। बढ़ेपुरा और कमुआ गांव में तेंदुए ने बृहस्पतिवार सुबह खेत पर काम कर रहे दो किसानों पर हमला करके उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने तेंदुए को घेरने के बाद उसे लाठियों से पीटकर मार डाला। शाम को जानकारी मिलने के बाद पहुंचे वन दरोगा ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई भेजा।
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बृहस्पतिवार सुबह सात बजे हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव बढ़ेपुरा के जगदीश के बेटे भुवनेश्वर और छोटे लाल गांव के सर्वेश के साथ भुवनेश्वर प्रसाद के गन्ने के खेत में खुदाई करने गए थे। तभी अचानक जंगल की ओर से आए तेंदुए ने भुवनेश्वर पर पीछे से हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। भुवनेश्वर की चीख सुनकर पास में काम कर रहे साथी दौड़कर पहुंचे और तेंदुए को दौड़ाकर उन्हें बचाया। पुलिस ने भुवनेश्वर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तेंदुआ बढ़ेपुरा से भागकर कमुआ गांव के जंगल में पहुंच गया। करीब 12 बजे तेंदुए ने अपने शिवाली के खेत पर जा रहे गांव के ही शिवकुमार को रास्ते में ही घेरकर उन पर हमला कर दिया। शिवकुमार को भी शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बचाया, उन्होंने तेंदुए को दौड़ा दिया। इसके बाद शिवकुमार को नवाबगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना पर वन विभाग के चंद्रशेखर, पुष्कर, नीलमणि, अकबर अली, दाताराम, माधव सिंह आदि मौके पर पहुंचे और पगमार्क देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि की। इसके बाद उन्होंने तेंदुए की तलाश में कांबिंग की, लेकिन कहीं नहीं दिखा। शाम करीब सात बचे एक ग्रामीण ने कमुआ गांव में जागन लाल के खेत में तेंदुए का शव पड़ा देखा तो सूचना वन विभाग को दी। इस पर वन दारोगा पुष्कर जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पड़ताल के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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तेंदुए के चार नाखून भी गायब मिले, कुचलने की आशंका
वन दरोगा के मुताबिक तेंदुए को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटकर मारा गया है। मुंह से काफी खून बह रहा था। पंजे के चार नाखून भी गायब थे। उन्होंने अंदेशा जताया कि पीटकर घायल करने के बाद उसे किसी भारी चीज या ट्रैक्टर से कुचला गया है। वन दरोगा का कहना है कि तेंदुए की हत्या करने वालों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

ग्रामीणों पर हमले के बाद से ही गुस्से में थे ग्रामीण
सूत्रों के मुताबिक दो किसानों को हमलाकर घायल करने के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया था। इसके बाद इकट्ठा होकर ग्रामीण तेंदुए की तलाश में निकल पड़े थे। करीब दो बजे कमुआ गांव के पास तेंदुआ दिखने पर ग्रामीणों ने चारों तरफ से उसे घेर लिया। इसके बाद लाठी डंडों से पीटकर उसकी हत्या कर दी। बताया जाता है कि तेंदुए के मरने की पूरी तरह संतुष्टि करने के लिए उसके ऊपर ग्रामीणों ने ट्रैक्टर भी चढ़ाया।
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