बरेली। नियम-कायदे का पाठ पढ़ाने वाले नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. आचार संहिता के दौरान संविदा पर 220 सफाई कर्मचारी लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए शहरी आजीविका केंद्र (सीएलसी) से एक हजार से अधिक पंजीकृत बेरोजगारों का डाटा भी ले लिया गया है। इसी बीच मामले की शिकायत डीएम से कर दी गई है, जिसमें आचार संहिता का उल्लंघन और पंजीकरण प्रक्रिया में धांधली के भी आरोप लगाए गए हैं। इसके चलते चयन रोक दिया गया है।
बता दें कि नगर निगम ने शहर की दस प्रमुख सड़कें ठेके पर सफाई के लिए दी थीं। मगर पिछले दिनों ठेकेदारों ने यूजर चार्ज वसूल न होने पर इन सड़कों की सफाई बंद कर दी। इस पर नगर आयुक्त ने डूडा के अंतर्गत संचालित शहरी आजीविका मिशन से 15 मई तक 220 बेरोजगारों को संविदा कर्मचारी के तौर पर लेने की बात कही थी। इसको लेकर नगर निगम ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। शहरी मिशन की मैनेजर मनोरमा सिंह बिष्ट ने बताया कि नगर निगम को सीएलसी में पंजीकृत 1098 लोगों की सूची दे दी गई है। इनमें से संविदा कर्मी के तौर पर लगाने के लिए 220 लोगों का चयन किया जाना है। मगर कमल इंजीनियर नाम के व्यक्ति ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताकर डीएम से शिकायत की है।
पंजीकरण के नाम पर उगाही का आरोप
अपनी शिकायत में कमल ने धांधली का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि आचार संहिता के बीच संविदा कर्मचारी के पद पर लगाने के लिए बेरोजगारों के पंजीकरण किए गए और इसमें धन उगाही की गई है।
आचार संहिता के दौरान कर्मचारियों को तो नहीं लगाया जा सकता, सूची लेने में कोई आपत्ति नहीं है। अगर कर्मचारी लगाए गए तो संज्ञान लिया जाएगा। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
सीएलसी से बेरोजगारों का डाटा लिया गया था। सरकारी विभाग में संविदा पर कर्मचारी लगाने की यही उचित प्रक्रिया है। मगर आचार संहिता के चलते अभी इसे रोक दिया है। - सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त