बरेली। नगर निगम, जल निगम और स्मार्ट सिटी के करीब सवा दो सौ करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं, जिन्हें शुरू कराने के लिए आचार संहिता खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है। मगर आचार संहिता के बाद भी काम शुरू हो पाना मुश्किल ही लग रहा है क्योंकि इसके बाद बारिश शुरू हो जाएगी। ऐसे में इन कार्यों का अब तीन महीने से ज्यादा समय के लिए लटकना तय माना जा रहा है। इनमें से कुछ कार्य तो ऐसे हैं, जिनके टेंडर भी हो चुके हैं।
आचार संहिता की आशंका को देखते हुए नगर निगम और जल निगम ने जनवरी में ही इन विकास कार्यों को शुरू कराने की तैयारी तेज कर दी थी। इनमें 14वें वित्त आयोग के तहत 23 करोड़ और अवस्थापना निधि के अंतर्गत छह करोड़ रुपये के डेढ़ सौ से अधिक विकास कार्य प्रस्तावित थे। इनमें सड़क, नाली, नाला, टाइल्स आदि लगाने के कार्य शामिल थे। मगर लंबे समय कमिश्नर की बैठक न होने के चलते मामला अटका रहा। कमिश्नर की मंजूरी मिलते ही आनन-फानन में टेंडर निकाले गए, लेकिन खुलने से पहले आचार संहिता लग गई। अब यह काम अटके हुए हैं। नई सरकार बनने के बाद आचार संहिता तो हट जाएगी लेकिन तब तक बारिश भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में इन कामों के शुरू होने में तीन महीने से ज्यादा समय लगने की आशंका है।
स्मार्ट सिटी के चार प्रोजेक्ट भी फंसे
नगर निगम को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 53 करोड़ रुपये का बजट मिला। इस राशि से ओपन जिम, स्मार्ट क्लास, पीआर एजेंसी और डेलापीर में सौंदर्यीकरण के प्रोजेक्ट बनाए गए। पहले तो यह प्रोजेक्ट लंबे समय तक खामियां निकालने चलते फंसे रहे, लेकिन जब प्रोजेक्ट फाइनल होने के बाद टेंडर निकाले गए तो आचार संहिता लग गई। इनमें से डेलापीर के प्रोजेक्ट का तो टेंडर ही नहीं निकल सका।
जल निगम के दो प्रोजेक्ट भी लटके
अमृत मिशन योजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने के लिए नगर निगम ने बेनीपुर चौधरी ग्राम में 2.77 हेक्टेयर जमीन जल निगम को दी है। यहां पर 88.61 करोड़ रुपये की लागत से 35 एमएलडी क्षमता का एसटीपी लगाया जाना है। शासन से 15 करोड़ रुपये की पहली किश्त भी जारी हो चुकी है। मगर टेंडर फाइनल होने से पहले ही आचार संहिता लग गई और यह काम भी अब फंसा हुआ है। ऐसे ही 56.86 करोड़ की लागत से 12.74 किलोमीटर लंबी सीवर की ट्रंक लाइन का प्रोजेक्ट भी आचार संहिता में फंसा है। आचार संहिता के बाद टेंडर हो जाएगा तो बरसात के चलते काम शुरू नहीं हो सकेगा।
इस समय आचार संहिता चल रही है। ऐसे में कोई भी नया काम तो शुरू नहीं कराया जा सकता है। अब आचार संहिता हटने के बाद ही काम होंगे। बरसात के चलते भी कुछ काम प्रभावित हो सकते हैं, उसके लिए विचार-विमर्श चल रहा है।
- सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त