लखीमपुर खीरी। कांग्रेस से पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ही धौरहरा से चुनाव लड़ेंगे। अमर उजाला से सेलफोन पर खुद जितिन प्रसाद ने इसकी पुष्टि की है। वह लखनऊ से वापस शनिवार को यहां पहुंच रहे हैं, जिनका शहर सीमा से लेकर लोकसभा क्षेत्र में जगह जगह जोरदार स्वागत किया जाएगा। फिलहाल धौरहरा सीट पर चुनावी बिसात बिछ चुकी है। किसी के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती होगी तो किसी के सामने जीत का परचम फहराने की। सभी प्रमुख दलों को चुनाव प्रचार अभियान शुरू हो चुका हे। आने वाले समय में चुनाव सरगर्मी और गरमाएगी। हालांकि इसमें 23 मई को ही साफ होगा कि कौन कितना कामयाब होगा।
लखनऊ के बजाय धौरहरा से ही जितिन प्रसाद को चुनाव लड़ाने के कांग्रेस के फैसले से इस सीट का चुनाव काफी दिलचस्प होना तय माना जा रहा है। वैसे तो कांग्रेस ने पहले से ही जितिन प्रसाद को धौरहरा से प्रत्याशी घोषित कर रखा है, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके भाजपा में जाने की खबरें वायरल होने से तरह तरह के कयास लगाए जा रहे थे। बाद में खबर आई कि प्रियंका गांधी ने जितिन प्रसाद को लखनऊ से चुनाव लडने के लिए राजी कर लिया है। गुरुवार को लखनऊ जाते समय जितिन प्रसाद ने नाराज कार्यकर्ताओं को समझाते हुए दो दिन का समय मांगा था। इससे सस्पेन्स बरकरार हो गया था। शुक्रवार की रात खबर आई कि जितिन शनिवार को लखीमपुर पहुंच रहे हैं और वह कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मिलेंगे। माना जा रहा है कि शनिवार को जितिन प्रसाद लखीमपुर आकर धौरहरा लोकसभा सीट से चुनाव लडने की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। जितिन के वापस आने से कांग्रेस को एक बार फिर संजीवनी मिल गई है।
धौरहरा में इस तरह बिछी है चुनावी विसात
अब धौरहरा से सभी प्रमुख पार्टियों के महारथियों से चुनावी रणभूमि सज चुकी है। कांग्रेस के जितिन प्रसाद के अलावा भारतीय जनता पार्टी से रेखा वर्मा और सपा-बसपा गठबंधन से बसपा प्रत्याशी अरशद सिद्दीकी चुनाव मैदान में डट चुके हैं। इनके अलावा और कितने उम्मीदवार मैदान में आते हैं यह नामांकन के बाद पता चलेगा।
2009 में जितिन ने बदल दिए थे समीकरण
2009 में पहली बार धौरहरा सीट पर कांग्रेस से जितिन प्रसाद चुनाव लड़ने आए तो सारे समीकरण बदल गए थे। तब भाजपा से राघवेन्द्र सिंह, सपा से कद्दावर नेता ओमप्रकाश गुप्ता और बसपा से राजेश वर्मा मैदान में थे, लेकिन जितिन प्रसाद को जनता ने हाथो हाथ लेते हुए 51.53 मतों से विजयी बनाया था, जबकि दूसरे स्थान पर रहे बसपा प्रत्याशी को महज 27.24 मत ही मिल सके थे।