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अफसरों ने फाइलें रोकीं, बाबू ने दिला दी तीन कॉलेजों को मान्यता

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बरेली। मानक पूरे न होने के कारण एसडीएम और डीआईओएस ने जिन कॉलेजों की मान्यता की संस्तुति करने से मना कर दिया था उनको कार्यालय के बाबू ने सांठगांठ करके मान्यता की संस्तुति करा दी। अस्वस्थ होने के कारण लंबे अवकाश से लौटे डीआईओएस को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने फाइलें निकलवाईं तो सारा खेल सामने आ गया। मामला खुलने के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। डीआईओएस की गैर मौजूदगी में तीन कॉलेजों की मान्यता और दो कॉलेजों के अनुभाग की फाइलों पर संस्तुति कराकर फाइल बोर्ड को भेज दी गई। अब आननफानन में फाइलें रुकवाने को कहा गया है।
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पिछले माह कॉलेजों की मान्यता को लेकर समिति ने कॉलेजों का निरीक्षण किया। मान्यता के लिए एसडीएम, डीआईओएस ने निरीक्षण में मानक पूरे न मिलने पर मान्यता की संस्तुति नहीं की। इसमें वीरांगना लोधी कुंवरपुर, अशोक हाई सेेकेंडरी स्कूल अमरोली, सईदा बेगम हाईस्कूल मनोना शामिल थे। वीरांगना लोधी कॉलेज को लेकर काफी बवाल भी हुआ था। डीआईओएस के स्टेनों को धमकी देने के मामले में स्कूल प्रबंधक के खिलाफ तहरीर तक की गई थी।
इसके अलावा हरदुआ कॉलेज समेत दो कॉलेजों में नए अनुभाग की फाइलों को रुकवा दिया गया था। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अस्वस्थ होने के कारण डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा को लंबे अवकाश पर जाना पड़ा था। इस दौरान मान्यता की जो भी फाइलें थीं बिना मानक पूरे कराए बोर्ड के लिए संस्तुति कर दी गईं। सूत्रों की मानें तो बाबू ने एक साहब से मिलकर सारी फाइलों की संस्तुति करा दी। फाइलें बोर्ड कार्यालय को भी भेज दी गईं। अब जल्द शासन में मान्यता की बैठक होने वाली है। डीआईओएस अवकाश से लौटे तब उनको सारे खेल के बारे में पता चला। उन्होंने फाइलों को निकलवाने के साथ सूचना बोर्ड कार्यालय भेजी है।
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...तो छोटे साहब कर गए खेल
डीआईओएस के अवकाश जाने पर चार्ज जीआईसी के प्रिंसिपल रामपाल सिंह को दिया गया। उसके बाद चार्ज सहायक डीआईओएस को दिया गया। इसी दौरान बाबू ने सांठगांठ कर फाइलों की संस्तुति करा दी। सूत्रों की मानें तो कार्यालय में यह चर्चा उड़ी कि डीआईओएस लंबे समय तक अवकाश से नहीं लौटेंगे। उसका फायदा छोटे साहब ने उठाया और जो भी फाइलें रुकी थीं सबको हरी झंडी दे दी। यह भी नहीं देखा गया कि कॉलेजों के मानक पूरे हैं भी या नहीं। अब मामले में अंदरखाने जांच शुरू करा दी गई है।

तीन नए कॉलेज और दो कॉलेजों में नए अनुभाग की फाइलों पर संस्तुति नहीं की गई थी। वहां मानक पूरे नहीं थे। अब मैं अवकाश से लौटा हूं। अब उन फाइलों को देखूंगा। अगर संस्तुति की गई तो उनको रुकवाया जाएगा। बिना मानक पूरे किए मान्यता की संस्तुति नहीं की जाएगी।
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- डॉ. अचल कुमार मिश्रा, डीआईओएस
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