बरेली। जमात रजा मुस्तफा की ओर से शाहबाद के एक शादी हाल में पैगाम-ए-अमन कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जो जमात के उपाध्यक्ष सलमान हसन खान की सरपरस्ती में हुआ। इसमें आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए इंसानियत के खिलाफ बताया गया।
इस मौके पर जमीयतुर्रजा के मुफ्ती शहजाद आलम ने लोगों को अमन का पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि मजहबे इस्लाम मोहब्बत का संदेश देता है। इस्लाम इंसान तो क्या जानवर को भी नाहक सताने की इजाजत नहीं देता। जो लोग इस्लाम का नाम लेकर आतंकी घटनाएं अंजाम देते हैं, वे मुसलमान नहीं हैं। इस्लाम की शिक्षा है कि जिसने एक बेकसूर की हत्या की उसने पूरी इंसानियत की हत्या की और जिसने एक इंसान को बचाया उसने पूरी इंसानियत को बचाया। उन्होेंने पुलवामा हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस्लाम में आत्महत्या की इजाजत नहीं है तो मानव बम की शिक्षा कैसे दी जा सकती है। कांफ्रेंस का संयोजन बानखाना शाखा के अध्यक्ष शईबुद्दीन रजवी ने किया। इस दौरान वसीम हुसैन रजवी, मोइन खान, मोहम्मद अकरम, मोहम्मद शकील, राशिद हुसैन, सैफी रजा, इरफान हुसैन आदि मौजूद रहे।