बरेली। बोर्ड बैठक में प्रस्तावित विकास कार्यों मंजूर न होने पर सदस्य आपत्ति जताते हैं। अक्सर बहस और विवाद की स्थिति भी होती है। अफसरों ने इससे बचने के लिए सदस्यों को आगामी वित्तीय वर्ष में अधिकतम दस करोड़ तक के प्रस्ताव देने का सुझाव दिया है।
कैंट बोर्ड के पास बचत खाते में करीब दो करोड़ रुपये का बजट है। वहीं, आगामी वित्तीय वर्ष में करीब 8 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। इस तरह आगामी वित्तीय वर्ष में कैंट बोर्ड के पास विकास कार्यों के लिए करीब 10 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध होगा। सभासद अब्दुल हमीद ने बताया कि सीईओ ने सभी सदस्यों को दस करोड़ के हिसाब से अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के प्रस्ताव देने को कहा है। इसके लिए सभी सदस्य जल्द ही बैठक कर अपने-अपने क्षेत्र में प्राथमिकता के विकास कार्यों को रखेंगे। ताकि बजट की उपलब्धता के अनुसार विकास कार्य कराए जा सकें। बताया जाता है कि क्षेत्र में नाला-नाली, सड़क निर्माण समेत अन्य कई विकास कार्यों के पूर्व में प्रस्ताव दिए गए थे। मगर कार्य नहीं होने पर सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए बजट हजम करने का आरोप लगाया था। ऐसे आरोपों से बचने के लिए ही इस सदस्यों को प्रस्तावित बजट से अवगत कराया है।
मद का पता नहीं कैसे बनेंगे प्रस्ताव
बोर्ड उपाध्यक्ष शिखा नायर के मुताबिक कैंट बोर्ड के किस मद में कितना बजट आता है, इसकी जानकारी सदस्योें को नहीं है। ऐसे में अगर किसी अन्य मद में बजट से अधिक का प्रस्ताव तैयार किया गया तो फिर विवाद की स्थिति बनेगी। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक मद का बजट सार्वजनिक करने को कहा है। ताकि उसके अनुसार प्रस्ताव तैयार हो सकें।