फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्री जी खफा.. अपने ही विभाग के अफसरों ने चाय तक को नहीं पूछा

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। महकमे के मंत्री आए और चले गए लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने उनके सामने हाजिरी देना तो दूर, उन्हें चाय तक को नहीं पूछा। रविवार रात बरेली पहुंचे मंत्री जी को अपने स्वागत के लिए नगर निगम का कोई अफसर नहीं मिला, यह तो उन्होंने बर्दाश्त कर लिया लेकिन जब सुबह भी इंतजार के बावजूद अफसरों ने ठेंगा दिखा दिया तो मंत्री जी बुरी तरह आहत हो गए। मायूस मंत्री जी सोमवार सुबह अपने कार्यक्रम के लिए बदायूं तो रवाना हो गए, लेकिन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को फोन करके नगर निगम के अधिकारियों के इस रवैये पर नाराजगी भी जता गए। डीएम ने इसे बेहद गंभीर मामला माना है। उनके निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने नगर आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन

नगर विकास, अभाव सहायता एवं पुनर्वास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव का रविवार की रात करीब साढ़े तीन बजे सर्किट हाउस में आगमन हुआ था। शासन की तरफ से इसका बाकायदा प्रोटोकॉल भी जारी हुआ था। देर रात मंत्री जी सर्किट हाउस पहुंचे तो वहां उन्हें रिसीव करने के लिए नगर निगम का कोई अफसर नहीं मिला। मंत्री जी को यह अखरा तो उन्होंने सर्किट हाउस के स्टाफ से पूछताछ की। पता चला कि नगर निगम का कोई अफसर वहां नहीं आया था। सोमवार सुबह भी नगर निगम के अधिकारियों ने मंत्री जी की कोई सुधि नहीं ली। सर्किट हाउस में हाजिरी देना तो दूर, कोई उनके चाय-नाश्ते का इंतजाम कराने तक नहीं पहुंचा। गिरीश चंद्र यादव को अपने ही विभाग के अधिकारियों का इस तरह का बर्ताव काफी नागवार गुजरा। गुुस्से में उन्होंने डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से फोन कर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री की शान में इस तरह की गुस्ताखी को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला को आदेश दिए कि वह नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण मांगें कि इस लापरवाही के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदारी है।

नगर आयुक्त बोले- सुबह सब्जी-पराठों का इंतजाम कराया तो था
नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार रात राज्यमंत्री के आगमन पर उनका स्वागत करने के लिए सर्किट हाउस में दो जेई और एक नाजिर को भेजा था। सुबह सहायक नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह को भी सर्किट हाउस भेजा था। उनके लिए नाश्ते में सब्जी और पराठे का इंतजाम भी किया। मंत्री जी को सुबह जल्द बदायूं के लिए निकलना था, इसलिए उन्होंने नाश्ता नहीं किया। हालांकि उनके साथ आया स्टाफ नाश्ता करने के बाद ही बदायूं गया था।
विज्ञापन



मामला बेहद गंभीर है। मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने जब शिकायत की तो मैंने उनसे इसके लिए खेद भी प्रकट किया। मामले की जांच के आदेश सिटी मजिस्ट्रेट को दे दिए हैं। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें