बरेली। रूर्बन मिशन के तहत बड़ा बाईपास पर करीब दस बीघा एरिया में मंडी पुलिस की फोरेंसिक लैब और क्राइम ऑफिस का निर्माण खटाई में पड़ गया है क्योंकि प्रशासन और पुलिस बीडीए के ग्रीन बेल्ट एरिया में मंडी बना रहे थे। बीडीए के अड़ंगा लगाने के बाद काम रोक दिया गया है। अब यहां लैंडयूज बदलेगी। उसके बाद तीनों भवनों का निर्माण किया जाएगा।
शहरी के सीमावर्ती 18 गांवों का विकास शहर की तर्ज पर करने के लिए रूर्बन मिशन योजना चल रही है। इस गांवों के विकास के लिए बड़ा बाईपास पर करीब 10 बीघा एरिया में मंडी का निर्माण होना है। इसके अलावा बड़ा बाईपास पर ही पुलिस की फोरेंसिक लैब और पुलिस का क्राइम ऑफिस भी बनाया जाना है। रजऊ परसपुर के जिस एरिया में मंडी बन रही है, वह ग्रीन बेल्ट में है। प्राधिकरण नियमों के मुताबिक ग्रीन बेल्ट की जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता। बीडीए ने इसके चलते मंडी के अलावा पुलिस के क्राइम ऑफिस और फोरेंसिक लैब के निर्माण में भी अड़ंगा लगा दिया है। अब तक मंडी की जमीन का उपयोग कृषि है। मंडी निर्माण के लिए जमीन का लैंडयूज बदलवाने पर मंथन चल रहा है। इसके लिए बीडीए बोर्ड में प्रस्ताव लाया जाएगा। मगर, प्रशासन के पास इस मद में लैंडयूज बदलवाने की कंपाउंडिंग फीस देने को बजट नहीं है। इससे मंडी का निर्माण फिलहाल अधर में लटक गया है।
ये गांव है रूर्बन मिशन में
उड़ला जागीर, फरीदापुर इनायतखां, भिंडोलिया, गोपालपुर नगरिया, नरियाबल, पदारथपुर, परतापुर, परातासपुर, बिथरी, पुरनापुर उदयपुर जसरथपुर, परसौना, सिमरा, अजूबा बेगम और आलमपुर गजरौला।
मंडी की जमीन का कुछ हिस्सा ग्रीन बेल्ट में आ रहा है। उसका लैंडयूज भी नहीं बदला गया। बीडीए बोर्ड में लैंडयूज बदलवाने का प्रस्ताव लाया जाएगा। इसलिए अब मंडी बनाने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ