बदायूं। एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा कर रही है, दूसरी ओर कुछ बैंक किसानों के ऋण मोचन प्रमाण पत्रों को आग के हवाले कर रहे हैं। शुक्रवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की छत पर कई ऋण मोचन प्रमाण पत्रों को जलाकर योजना पर सवाल खड़े कर दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर के किसानों का एक लाख रुपये तक ऋण माफ करने की घोषणा की थी। कृषि विभाग ने ऐसे सभी किसानों के नाम बैंकों से प्राप्त कर ऋण माफ होने के प्रमाण पत्र बैंकों से वितरित करवाए। लेकिन जिले के सैकड़ों किसान ऐसे हैं जो ऋण माफी के दायरे में होने के बावजूद ऋण मोचन से वंचित रह गए। आरोप है कि शहर में टंडन प्लाजा स्थित सेंट्रल बैंक इंडिया शाखा की ओर से ऋण मोचन में शामिल अधिकतर किसानों को प्रमाण पत्र बांटे ही नहीं गए। जबकि ऋण माफ न होने की दशा में किसान बैंक के चक्कर काटते रहे। शुक्रवार को ऋण मोचन के प्रमाण पत्र बैंक अधिकारियों/ कर्मचारियों ने आग के हवाले कर दिए।
इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अगर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से किसानों को प्रमाण पत्र वितरण न करके जला दिए गए तो इसकी जांच कराई जाएगी।
-विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी
सेंट्रल बैंक की ओर प्रमाण जलाए जाना गलत हैं। उन्हें किसानों को वितरित कर देना चाहिए था।
- श्याम पासवान, एलडीएम
ऋण मोचन का पैैसा किसानों के खाते में पहुंच गया है। कंप्यूटर की खराबी की वजह से कुछ प्रमाण पत्रों पर मिस प्रिंट हो गया था। उनको जलाया गया है।
- सुनील बाबू, शाखा प्रबंधक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया