बरेली। लालफाटक ओवरब्रिज की सर्विस लेन बनाने में कोई न कोई बाधा रोजाना ही पैदा हो रही है। पहले पॉवर कारपोरेशन की टीम ने पोल और ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग का काम आधा-अधूरा किया। अब जब सर्विसलेन पर बजरी की कुटाई पूरी हो चुकी है तो डामर इसलिए नहीं बिछ पा रही है कि सर्दी अधिक बढ़ गई है, जिससे कोलतार (बिटुमिन) सही से सड़क पर अपनी पकड़ नहीं बना पाएगा। बहरहाल, लाल फाटक रोड पर कोहरे में खतरे की आशंका और भी ज्यादा बढ़ गई है।
सेतु निगम ने एक के बाद एक हादसा होने के बावजूद सर्विस लेन बनाने में काफी लापरवाही दिखाई। इस मामले में गर्दन फंसती देख जब सेतु निगम के अफसर सर्विस लेन बनाने को तैयार भी हुए तो पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों ने अड़ंगा लगा दिया। सर्विस लेन बनाने के लिए बिजली के पोल और ट्रांसफार्मरों को शिफ्ट किया जाना था, लेकिन सेतु निगम और पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों के बीच इसे लेकर खींचतान मचती रही। बाद में कमिश्नर रणवीर प्रसाद की फटकार के बाद पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों ने काम तो शुरू किया लेकिन यह बीच में ही अधूरा छोड़ दिया। अभी कई पोल और दोनों जगहों पर लगे ट्रंासफार्मरों को शिफ्ट किया जाना है। हालांकि सर्विस लेन बनाने के लिए बजरी बिछाने और कुटाई काम निर्माणाधीन पुल के दोनों ही साइड में चल रहा है।
सेतु निगम के इंजीनियरों का कहना है कि पहले बिजली वालों की वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब ठंड काफी बढ़ गई है, जिससे बिटुमिन को सड़क पर सेट कर पाना मुमकिन नहीं। ऐसे में सर्विस लेन के काम में एक बार ब्रेक लग गया है।
सीमेंट वाले ट्रकों का आवागमन न रुकने से दिक्कत बरकरार, ब्रेकर से कुछ राहत
चनेहटी रेलवे स्टेशन पर सीमेंट की रैक के उतरने और बाद में उनकी ट्रकों से ढुलाई वाया लाल फाटक होती है। इन भारी ट्रकों के एक साथ गुजरने से यहां काफी जाम लग जाता है। इसके अलावा निर्माणाधीन पुल के पास से इनके गुजरने से जाम की समस्या बनी रहती है। हालांकि लखनऊ से आई सेफ्टी ऑडिट टीम के निरीक्षण के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने पुल के दोनों तरफ ब्रेकर बना दिए हैं। इससे वाहनों की रफ्तार कम होने से हादसे का खतरा कुछ कम हो गया है।
निकासी को अभी सिर्फ दरवाजे के बाहर नाले पर रखे स्लैब
सर्विस लेन बनाने के लिए सेतु निगम ने नाले का नया निर्माण कराया है, लेकिन उस पर स्लैब नहीं रखे हैं, जिससे कई लोग गिर भी चुके हैं। हालांकि स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद अधिकारियों ने घरों के बाहर निकासी के लिए कुछ जगहों पर स्लैब रखवा दिए हैं।