डिप्टी सीएम एवं शिक्षामंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के निर्देश पर जेडी डॉ. प्रदीप कुमार ने मंडल के सभी डीआईओएस को बोर्ड परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए गाइडलाइन जारी की हैं। पेपर आउट न हो इसलिए शिक्षक और कर्मचारी परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। साथ ही जिन कॉलेजों में पढ़ाई नहीं होती, सिर्फ परीक्षा के समय कॉलेज खुलते हैं उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे कॉलेजों पर शिकंजा कसा जाएगा।
डिप्टी सीएम ने रविवार को परीक्षा की तैयारियों को लेकर बदायूं में समीक्षा बैठक की थी, जिसके बाद जेडी ने आदेश जारी किया है। परीक्षा कक्ष में दोनों साइड में सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर लगाना होगा। भौतिक निरीक्षण होने के बाद ही केंद्र फाइनल किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेज की छात्राओं के लिए स्वकेंद्र रहेगा। एक ही प्रबंध के दो कॉलेज हैं तो दोनों को केंद्र नहीं बनाया जाएगा और न ही उस कॉलेज का सेंटर और परीक्षक वहां लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों में जनरेटर की व्यवस्था भी करनी होगी। अगर तंबू कनात लगाकर परीक्षा कराई तो केंद्र व्यवस्थापक पर कार्रवाई होगी।
जांच में खुल परीक्षा केंद्रों की पोल
परीक्षा केंद्रों पर आईं आपत्तियों के निस्तारण के लिए निरीक्षण कर रहे हैं। इसमें केंद्रों पर सुविधाओं की पोल खुल ही है। डीआईओएस ने तीन कॉलेजों को निरीक्षण किया जिसमें अव्यवस्थाएं मिली। जवाहर मीना कॉलेज में बिना अनुमति कौशल विकास केंद्र संचालित मिला। मान्यता के दस्तावेज भी कॉलेज प्रशासन नहीं दिखा सका। खुसरो कॉलेज में गंदगी के ढेर मिले। शांती कुंज विद्यालय समय से पहले बंद मिला। इसपर प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। बाकी केंद्रों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। 29 नवंबर तक रिपोर्ट दी जाएगी।